सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य जोरों पर है। लेकिन इस बार मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों को उत्तरों के बजाय छात्रों की भावनाओं और ‘रिश्वत’ का सामना करना पड़ रहा है। ज़ू न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, कई छात्र पास होने के लिए इमोशनल ब्लैकमेलिंग का सहारा ले रहे हैं, तो कुछ ने कॉपियों में पैसे रखकर नंबरों की गुहार लगाई है।
मुख्य अंश (Body Highlights):
- भगवान का वास्ता और कसम: कई छात्रों ने कॉपियों में लिखा है, “सर, भगवान के लिए पास कर देना,” या “अगर फेल किया तो मैं कुछ गलत कदम उठा लूंगा।” कुछ छात्राओं ने लिखा है कि अगर वे फेल हो गईं, तो उनके घरवाले शादी करा देंगे।
- नोटों की ‘मिठाई’: मूल्यांकन के दौरान कॉपियों से 100, 200 और 500 रुपये के नोट भी निकल रहे हैं। एक वायरल वीडियो में छात्र ने 100 रुपये का नोट रखकर लिखा, “गुरुजी, चाय-पानी पी लेना और कृपा बनाए रखना।”
- शायरी और फिल्मी गाने: पढ़ाई न करने वाले कुछ परीक्षार्थियों ने सवालों के जवाब देने के बजाय पन्ने भरने के लिए शायरी और लता मंगेशकर के गाने लिख दिए हैं।
- मजेदार दावे: एक कॉपी में तो छात्र ने इतिहास को ही बदल दिया और लिखा कि “बाबर का बाप शिवाजी महाराज” थे।
अधिकारियों का रुख:
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन पूरी तरह से पारदर्शी है और केवल योग्यता के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस तरह के प्रलोभन या भावनात्मक अपीलों के प्रभाव में न आएं। कॉपियों से मिलने वाले रुपयों को सरकारी खजाने में जमा कराया जा रहा है और अनुशासनहीनता की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जा रही है।
यूपी बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान सबसे हैरान करने वाली और गंभीर जानकारी यह है कि बोर्ड ने अब उत्तरपुस्तिकाओं में पैसे रखने वाले छात्रों को सीधे फेल करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।
इस खबर से जुड़ी सबसे चौंकाने वाली और अनोखी डिटेल यहाँ दी गई हैं:
- फेल होने का नया नियम: पहले कॉपियों से निकलने वाले पैसों को केवल ज़ब्त कर लिया जाता था, लेकिन 2026 के मूल्यांकन के लिए जारी निर्देशों के अनुसार, यदि किसी छात्र की कॉपी में करेंसी नोट (पैसे) पाए जाते हैं, तो उसे अनुशासनहीनता मानते हुए फेल किया जा सकता है।
- पैसा जाएगा सरकारी खजाने में: उत्तर पुस्तिकाओं से निकलने वाले 100, 200 या 500 रुपये के नोट अब परीक्षकों की जेब में नहीं जाएंगे। इन पैसों को ट्रेजरी चालान के माध्यम से सीधे सरकारी खजाने में जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- शिक्षकों पर भारी जुर्माना: केवल छात्र ही नहीं, यदि कोई परीक्षक (Examiner) मूल्यांकन में 2% से अधिक की गलती करता है, तो उसके मानदेय (Payment) में 85% तक की कटौती की जाएगी और उसे तीन साल के लिए डिबार (प्रतिबंधित) कर दिया जाएगा।
- भावनात्मक ब्लैकमेल के अजीब उदाहरण: कॉपियों में छात्र न केवल अपनी गरीबी का वास्ता दे रहे हैं, बल्कि कुछ ने यहाँ तक लिखा है कि यदि उन्हें पास नहीं किया गया तो उनके घरवाले उनकी शादी कर देंगे या वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।
- इतिहास से छेड़छाड़: सबसे अजीबोगरीब दावों में एक छात्र ने अपनी कॉपी में मुगल शासक बाबर का पिता छत्रपति शिवाजी महाराज को बता दिया, जो ऐतिहासिक रूप से पूरी तरह गलत और हास्यास्पद है।
यह सख्ती इसलिए बरती जा रही है क्योंकि पिछले साल लगभग 4,204 परीक्षकों को मूल्यांकन में लापरवाही के लिए चेतावनी दी गई थी और हजारों छात्रों के नंबरों में दोबारा जांच के बाद बड़े अंतर पाए गए थे।
“तो छात्र सावधान रहें, क्योंकि आपकी एक इमोशनल अपील या कॉपी में रखा नोट आपको पास नहीं, बल्कि सीधे फेल करवा सकता है। बोर्ड की सख्ती साफ है—नंबर केवल मेहनत से मिलेंगे, मिन्नतों से नहीं। ‘सावधान नेशन न्यूज़’