सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 2 नवंबर 2026
स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल अब अमेरिका में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। बच्चों की पढ़ाई, सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर AI के संभावित प्रभाव को लेकर अमेरिका के दो सांसदों ने Google से जवाब मांगा है। इसके लिए अमेरिकी सीनेटरों ने Google और उसकी मूल कंपनी Alphabet के CEO सुंदर पिचाई को एक पत्र भेजकर नौ अहम सवाल पूछे हैं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आज स्कूलों में बच्चे होमवर्क, गणित के सवालों और दूसरे शैक्षणिक कार्यों के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या AI बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ा रहा है या धीरे-धीरे उन्हें खुद सोचने और मेहनत करने से दूर कर रहा है।
अमेरिकी सांसदों ने क्यों जताई चिंता?
21 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल (Richard Blumenthal) और जोश हॉले (Josh Hawley) ने सुंदर पिचाई को पत्र लिखा। दोनों अलग-अलग राजनीतिक दलों से संबंध रखते हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर उन्होंने मिलकर चिंता जताई है।
सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि Google के AI टूल्स अमेरिकी स्कूलों में तेजी से पहुंच रहे हैं। Google Classroom, Chromebook और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म में AI सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
उनकी चिंता है कि AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बच्चों की स्वतंत्र रूप से सोचने, सवाल हल करने और अपना काम खुद पूरा करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
रिपोर्ट में क्या सामने आया?
सांसदों ने अपनी चिंता के समर्थन में The Wall Street Journal की एक जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया। इस रिपोर्ट में 60 से अधिक शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बातचीत की गई थी।
रिपोर्ट में कुछ ऐसे मामले सामने आने की बात कही गई, जिनमें विद्यार्थी पढ़ाई और भावनात्मक जरूरतों के लिए AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होते दिखाई दिए। इसमें यह चिंता भी जताई गई कि AI की मदद से काम पूरा करने वाले कुछ विद्यार्थी बिना AI सहायता के सवाल हल करने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन रिपोर्टों और सांसदों की चिंताओं से यह साबित नहीं होता कि AI के कारण सभी बच्चों की पढ़ाई या मानसिक सेहत खराब हो रही है। इसी प्रभाव की वास्तविक स्थिति जानने के लिए Google से जानकारी मांगी गई है।
सुंदर पिचाई से पूछे गए नौ सवाल क्या हैं?
अमेरिकी सांसदों ने Google से मुख्य रूप से इन नौ मुद्दों पर जवाब मांगा है:
- बच्चों की मानसिक सेहत पर AI का असर: Google ने Gemini, AI Overview और AI Mode जैसे टूल्स के बच्चों की मानसिक सेहत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर क्या शोध किया है?
- स्कूलों में AI डिफॉल्ट रूप से क्यों? कई शैक्षणिक डिवाइस में AI सुविधाएं पहले से चालू क्यों रहती हैं? कुछ मामलों में इन्हें बंद करने का विकल्प क्यों नहीं मिलता?
- शिकायतों पर Google का क्या रुख रहा? क्या शिक्षकों, अभिभावकों या स्कूल प्रशासन ने बच्चों की AI पर बढ़ती निर्भरता को लेकर कंपनी से शिकायत की है?
- स्कूलों को क्या सहायता दी गई? जिन स्कूलों ने AI के नकारात्मक प्रभावों की चिंता जताई, उनकी मदद के लिए Google ने क्या कदम उठाए?
- AI के प्रचार पर कितना खर्च? स्कूलों में AI का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए Google कौन-कौन से प्रचार कार्यक्रम चला रहा है और उन पर कितना पैसा खर्च किया गया है?
- शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश: AI का सही इस्तेमाल करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों को क्या प्रशिक्षण और जानकारी दी गई है?
- बच्चों के लिए AI से जुड़े खतरनाक मामले: क्या Google को ऐसे मामलों की जानकारी मिली है, जिनमें उसके AI टूल्स ने किसी नाबालिग को नुकसानदायक व्यवहार के लिए प्रोत्साहित किया हो या आत्महत्या और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे संकेतों को पहचानने में असफल रहे हों?
- Google के अपने शोध पर क्या कार्रवाई हुई? कंपनी के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित ‘The Ethics of Advanced AI Assistants’ नामक शोधपत्र में बच्चों के लिए AI से जुड़े जोखिमों पर चर्चा की गई थी। सांसद जानना चाहते हैं कि इसके बाद कंपनी ने क्या कदम उठाए।
- बच्चों को AI पर भावनात्मक रूप से निर्भर होने से कैसे बचाया जा रहा है? सांसदों ने पूछा है कि Google अपने AI चैटबॉट को बच्चों के साथ जरूरत से ज्यादा भावनात्मक बातचीत करने और गलत धारणाओं को बढ़ावा देने से रोकने के लिए क्या कर रहा है।
Google को कब तक देना है जवाब?
अमेरिकी सांसदों ने सुंदर पिचाई को अपने सवालों का जवाब देने के लिए 2 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। यानी जवाब देने की निर्धारित समयसीमा आज है।
इस मामले में सांसदों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को किसी भी तकनीकी प्रयोग से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, न कि बच्चों की स्वतंत्र सोचने और सीखने की क्षमता को कमजोर करने के लिए।
शिक्षा के क्षेत्र में AI का भविष्य क्या होगा?
AI तकनीक शिक्षा के क्षेत्र में कई नए अवसर लेकर आई है। इसकी मदद से विद्यार्थी कठिन विषयों को आसानी से समझ सकते हैं और अपनी पढ़ाई से जुड़े सवालों के जवाब पा सकते हैं। लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों की खुद से सोचने, लिखने और समस्याओं को हल करने की आदत को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए जरूरी है कि स्कूलों में AI का इस्तेमाल शिक्षकों की निगरानी और उचित नियमों के तहत हो। बच्चों को तकनीक का सही उपयोग सिखाने के साथ-साथ किताबों से पढ़ने, खुद लिखने और अपनी समझ विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि अमेरिकी सांसदों ने Google से स्पष्टीकरण मांगा है। यह अभी जांच और सवाल-जवाब का मामला है, Google के खिलाफ किसी गलत काम का अंतिम निष्कर्ष नहीं।
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