सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026
यमन से आज एक गंभीर खबर सामने आई है। यमन के परिवहन मंत्रालय और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने देश के दक्षिणी शहर अदन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो बैलिस्टिक मिसाइलों और कई विस्फोटक ड्रोन से निशाना बनाया। हमले के दौरान एक यात्री विमान की लैंडिंग कुछ मिनटों के अंतर से टल गई। विमान को सऊदी अरब के जेद्दा शहर की ओर मोड़ना पड़ा।
इस घटना की सबसे गंभीर बात यह है कि हमला ऐसे हवाई अड्डे पर हुआ जहाँ नागरिक यात्री, कर्मचारी और यात्री विमान मौजूद थे।
- आज सुबह आखिर क्या हुआ?
दो मिसाइलों से हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया
यमन के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, 7 अक्टूबर की सुबह अदन हवाई अड्डे के टर्मिनल और रनवे के आसपास मिसाइलें और कई विस्फोटक ड्रोन भेजे गए। एक मिसाइल रनवे के पास गिरी।
यमनिया एयरवेज की उड़ान संख्या 603 मिस्र की राजधानी काहिरा से अदन आ रही थी। विमान के उतरने से कुछ मिनट पहले मिसाइल रनवे के पास गिरी, जिसके बाद उसकी लैंडिंग रद्द करके उसे जेद्दा की ओर मोड़ दिया गया।
यात्रियों और विमानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया
हवाई अड्डे पर मौजूद दो अन्य यात्री विमानों को खतरे वाले क्षेत्र से हटाया गया। यात्रियों और कर्मचारियों को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कार्रवाई की गई।
- क्या हमले में किसी की मौत हुई?
अब तक उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी गई है। अदन के स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने किसी की मौत की खबर नहीं होने की बात कही है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हवाई अड्डे को कितना भौतिक नुकसान पहुँचा, इसकी पूरी जानकारी सामने आ चुकी है।
यह हमला बड़े मानवीय हादसे का कारण बन सकता था, क्योंकि मिसाइल एक ऐसे समय पर रनवे के पास गिरी जब काहिरा से आने वाला यात्री विमान उतरने वाला था।
- क्या हूतियों ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की?
यहाँ एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
यमन सरकार का आरोप: परिवहन मंत्रालय और अदन के सुरक्षा अधिकारियों ने हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
हूतियों का बयान: इस हमले पर हूती नेतृत्व की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी, जब रॉयटर्स ने खबर प्रकाशित की।
स्वतंत्र पुष्टि: हमले की पूरी परिस्थितियों और इस्तेमाल किए गए सभी हथियारों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है।
इसलिए यह कहना सही होगा कि यमन के अधिकारियों ने हूतियों पर हमले का आरोप लगाया है; लेकिन जिम्मेदारी स्वीकार करने का उनका आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया था। - क्या हूतियों के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई हुई?
हाँ, यमन में व्यापक सैन्य कार्रवाई जारी है, लेकिन अदन हवाई अड्डे पर हमले के जवाब में किसी विशेष जवाबी कार्रवाई की पुष्टि अलग से करना जरूरी है।
रॉयटर्स की 7 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार:
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाएँ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई समर्थन से हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों को वापस लेने की कोशिश कर रही हैं।
गठबंधन ने सऊदी राजधानी रियाद के उत्तर में हूतियों की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट करने की जानकारी दी।
गठबंधन ने हूती-नियंत्रित सना के आसपास मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म पर नजर रखने की भी बात कही।
हूतियों ने सऊदी अरब के रियाद, अबहा और खमिस मुशैत में हवाई अड्डों या सैन्य ठिकानों पर हमलों के दावे किए। इनमें से सभी दावों की सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की थी।
- आखिर हूतियों ने अदन हवाई अड्डे को क्यों निशाना बनाया?
इसका संभावित कारण समझने के लिए यमन के मौजूदा संघर्ष को देखना होगा।अदन दक्षिणी यमन का महत्वपूर्ण शहर है और वहाँ का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हूतियों के नियंत्रण से बाहर के यमनी क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है। दूसरी ओर, हूती विद्रोही देश के उत्तर में राजधानी सना समेत बड़े क्षेत्र पर नियंत्रण रखते हैं।
क्षेत्र पर नियंत्रण की लड़ाई: यमन की सरकारी सेनाएँ लाल सागर के तटीय क्षेत्रों और रणनीतिक बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अभियान चला रही हैं।
जवाबी हमलों का विस्तार: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे किए हैं।
क्षेत्रीय तनाव: सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के कारण यमन का संघर्ष व्यापक मध्य-पूर्वी सुरक्षा स्थिति से जुड़ा हुआ है। ईरान पर हूतियों को सहायता देने के सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के आरोप हैं, जिन्हें ईरान और हूती पक्ष नकारते हैं।
ये परिस्थितियाँ हमले की संभावित रणनीतिक पृष्ठभूमि बताती हैं, लेकिन हूतियों का वास्तविक उद्देश्य उनके आधिकारिक बयान या अन्य ठोस सबूतों के बिना निश्चित रूप से नहीं बताया जा सकता।
- क्या यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है?
नागरिक हवाई अड्डे और यात्री विमान नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संघर्षरत पक्षों को नागरिकों और सैन्य लक्ष्यों के बीच अंतर करना चाहिए तथा नागरिकों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
यदि किसी नागरिक हवाई अड्डे या यात्री विमान को जानबूझकर निशाना बनाया गया, तो परिस्थितियों के आधार पर यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन हो सकता है। हालाँकि, इस विशेष घटना पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष निकालने के लिए हमले के उद्देश्य, लक्ष्य और उपलब्ध सबूतों की जाँच जरूरी है।
यमन के परिवहन मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) से नागरिक हवाई अड्डों और वाणिज्यिक उड़ानों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की है।
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