सावधान नेशन न्यूज़
मोहिनी कुमारी
होली यानी खुशियों, रंगों और उमंग का त्योहार। चारों तरफ गुलाल की उड़ती बौछार, ढोल की थाप, गुझिया और मालपुए की खुशबू—हर कोई इस दिन खुलकर मस्ती करना चाहता है। लेकिन जरा-सी लापरवाही आपके इस रंगीन त्योहार को फीका भी कर सकती है। असुरक्षित रंग, संक्रमित पानी और तला-भुना खानपान से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि होली खेलते समय कुछ खास सावधानियां बरती जाएं, ताकि त्योहार का मजा भी बना रहे और स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे।
सुरक्षित रंगों का करें चयन
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई रंगों में केमिकल और भारी धातुएं मिलाई जाती हैं, जो त्वचा, आंख और बालों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए कोशिश करें कि केवल हर्बल या प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। घर पर भी हल्दी, चंदन, गुलाब की पंखुड़ियां या चुकंदर से सुरक्षित रंग तैयार किए जा सकते हैं।
रंग खेलने से पहले पूरे शरीर पर नारियल या सरसों का तेल लगाना फायदेमंद रहता है। इससे रंग त्वचा में गहराई तक नहीं जाता और बाद में आसानी से उतर जाता है। बालों में भी हल्का तेल लगाकर ही बाहर निकलें।
आंख और त्वचा की सुरक्षा जरूरी
होली खेलते समय आंखों को बचाना बेहद जरूरी है। यदि संभव हो तो चश्मा पहनें। आंखों में रंग चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं, रगड़ें नहीं। त्वचा पर जलन या खुजली महसूस हो तो तुरंत रंग हटाकर डॉक्टर से सलाह लें।
चेहरे पर बार-बार रगड़कर रंग हटाने की कोशिश न करें। इससे त्वचा में रैशेज और एलर्जी हो सकती है। होली के बाद हल्के गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन से स्नान करें।
संक्रमित पानी से रहें दूर
कई जगहों पर गंदे या जमा हुए पानी से होली खेली जाती है, जिससे त्वचा संक्रमण, फंगल इंफेक्शन और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कोशिश करें कि साफ पानी का ही इस्तेमाल करें। अगर किसी को जबरदस्ती गंदा पानी फेंकते देखें तो शांति से मना करें।
बच्चों को विशेष रूप से समझाएं कि वे नालियों या सड़कों पर जमा पानी से न खेलें।
खानपान में रखें संतुलन
होली पर गुझिया, दहीबड़े, मालपुआ और तरह-तरह के पकवानों की भरमार होती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से पेट खराब, गैस, एसिडिटी या ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या हो सकती है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि त्योहार का आनंद लें, लेकिन सीमित मात्रा में। ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन के साथ सलाद, दही और पर्याप्त पानी भी लें। बाजार से मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान जरूर रखें।
नशे से करें परहेज
होली के नाम पर कई लोग भांग या शराब का सेवन कर लेते हैं, जिससे चक्कर आना, उल्टी, डिहाइड्रेशन या दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार की खुशी होश में रहकर मनाना ही बेहतर है।
अगर किसी ने नशा किया हो तो वाहन चलाने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे माहौल से दूर रखें।
संवेदनशील लोगों के लिए खास सावधानी
जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या त्वचा रोग की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। अधिक धूल और रंगों से दूरी बनाए रखें। मास्क का उपयोग भी किया जा सकता है।
बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ज्यादा भीड़भाड़ में न ले जाएं। उन्हें हल्के और सुरक्षित तरीके से ही होली खेलने दें।
होली के बाद की देखभाल
रंग छुड़ाने के लिए केमिकल युक्त क्लींजर का प्रयोग न करें। दही, बेसन और हल्दी का उबटन त्वचा को प्राकृतिक तरीके से साफ करता है। बालों को माइल्ड शैम्पू से धोकर कंडीशनर लगाएं।
यदि त्वचा पर दाने, लालिमा या आंखों में जलन बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
होली 2026 को यादगार और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है कि उत्साह के साथ-साथ सावधानी भी बरती जाए। प्राकृतिक रंगों का चयन, साफ पानी का इस्तेमाल, संतुलित खानपान और नशे से दूरी—ये छोटी-छोटी बातें आपको त्योहार का भरपूर आनंद लेने में मदद करेंगी।
रंगों के इस उत्सव में खुशियां बांटें, सेहत का ख्याल रखें और सुरक्षित तरीके से होली खेलकर त्योहार को बनाएं सच में खास। आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं!
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