सावधान नेशन न्यूज़

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सुरक्षा ऑडिट पूरा

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तरुण कश्यप

देहरादून/दिल्ली: दिल्ली से देहरादून के बीच का सफर अब घंटों से सिमटकर मिनटों का होने वाला है। एनएचएआई (NHAI) ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का सुरक्षा ऑडिट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस महत्वपूर्ण पड़ाव के साथ ही, मार्च 2026 के पहले सप्ताह में इस हाईवे के खुलने का रास्ता साफ हो गया है।

मुख्य आकर्षण और सुरक्षा इंतजाम:

  • एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर से गुजरने वाला यह 12 किमी लंबा खंड वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
  • हाई-टेक निगरानी: सुरक्षा ऑडिट के तहत एक्सप्रेसवे पर 16 स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों का ऑटोमैटिक चालान काटेंगे।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: पूरे एलिवेटेड सेक्शन पर 12 मोबाइल टावर लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को नेटवर्क की समस्या न हो।
  • पिलर सुरक्षा: मानसून के दौरान नदियों के उफान से बचाने के लिए पिलर्स को विशेष कंक्रीट ‘जैकेट’ से सुरक्षित किया गया है।

सफर होगा आसान:

इस 6-लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी महज 2.5 घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इस यात्रा में 6 से 7 घंटे का समय लगता है।

उद्घाटन की संभावित तिथि:
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन कर सकते हैं। वर्तमान में गणेशपुर से डाटकाली तक के एलिवेटेड रोड का काम पूरी तरह संपन्न हो चुका है और विभाग अब केवल आधिकारिक निर्देशों का इंतजार कर रहा है।

1. समय और दूरी की भारी बचत 

  • यात्रा समय: दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर 6.5-7 घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगा।
  • दूरी में कमी: वर्तमान सड़क मार्ग की दूरी 248 किमी से घटकर 210 किमी हो जाएगी।
  • हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों के लिए 100 किमी/घंटा की रफ्तार निर्धारित है। 

2. पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बढ़ावा 

  • उत्तराखंड के पर्यटन स्थल: मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे प्रमुख केंद्रों तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।
  • चारधाम कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे हरिद्वार में चारधाम हाईवे नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाना सुगम होगा। 

3. आर्थिक और औद्योगिक विकास

  • रियल एस्टेट में उछाल: दिल्ली NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (बागपत, शामली, सहारनपुर) और देहरादून के आसपास प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में तेजी आएगी।
  • रोजगार के अवसर: मार्ग के किनारे नए लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल, ढाबे और पेट्रोल पंप खुलने से स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा।
  • व्यापार में आसानी: कृषि उत्पादों और औद्योगिक माल की ढुलाई तेज और सस्ती होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। 

4. पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा

  • एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर: राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर बना 12 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन यह सुनिश्चित करेगा कि वन्यजीव बिना किसी बाधा के सड़क के नीचे से गुजर सकें।
  • एनिमल अंडरपास: हाथियों के लिए 2 और अन्य जानवरों के लिए 6 विशेष अंडरपास बनाए गए हैं ताकि सड़क हादसों में जानवरों की जान न जाए।
  • प्रदूषण में कमी: वाहनों के सुगम प्रवाह और कम दूरी के कारण ईंधन की खपत और वायु प्रदूषण में गिरावट आएगी। 

5. आधुनिक सुरक्षा फीचर्स

  • स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट: पूरी सड़क पर निगरानी के लिए CCTV कैमरे और स्पीडोमीटर लगाए गए हैं。
  • नॉइज बैरियर: घने जंगलों वाले इलाकों में जानवरों को गाड़ियों के शोर से बचाने के लिए साउंड बैरियर्स का इस्तेमाल किया गया है।
  • बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर: मार्ग में 340 मीटर लंबी डाटकाली टनल, 113 अंडरपास और 62 बस शेल्टर शामिल हैं। 
  • एनएचएआई (NHAI) द्वारा प्रस्तावित दरों के अनुसार, पूरे 210 किमी के सफर के लिए शुल्क वाहन के प्रकार पर निर्भर करेगा: 
    1.कार / जीप / वैन: एक तरफ का सफर लगभग ₹500 से ₹670 के बीच रहने का अनुमान है।नोट: दिल्ली के भीतर (अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक) यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई टोल नहीं देना होगा।
    हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV): लगभग ₹1,085
    बस या ट्रक (2-एक्सल): लगभग ₹2,275
    मंथली पास सुविधा: स्थानीय निवासियों (टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में) के लिए लगभग ₹340 में मासिक पास की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।
    FASTag डिस्काउंट: एनुअल पास धारकों के लिए विशेष रियायती दरों का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। 

    2. प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स (Entry & Exit Points)
    एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्री विभिन्न शहरों से आसानी से जुड़ सकें: 

    दिल्ली सेक्शन (चरण 1):अक्षरधाम (शुरुआती बिंदु)
    गीता कॉलोनी
    कैलाश नगर (शमशान घाट)
    सोनिया विहार
    खजूरी पुश्ता मार्ग / सिग्नेचर ब्रिज
    उत्तर प्रदेश सेक्शन:मंडोला (गाजियाबाद): ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के साथ मुख्य इंटरचेंज।
    बागपत: खेकड़ा के पास एग्जिट।
    शामली और बड़ौत: पश्चिमी यूपी के इन प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी।
    सहारनपुर (गणेशपुर): यहाँ से 12 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होता है।
    उत्तराखंड सेक्शन:आशारोड़ी (देहरादून): एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर जहाँ से यात्री देहरादून शहर में प्रवेश करेंगे। 

    3. महत्वपूर्ण टोल नियम
    दूरी आधारित टोल: एक्सप्रेसवे पर “ओपन टोलिंग” के बजाय दूरी आधारित टोल (जितना चलेंगे उतना पैसा) लागू होने की संभावना है।
    छूट: दिल्ली से बागपत (EPE जंक्शन) तक का सफर कुछ श्रेणियों के लिए टोल-फ्री रहने की उम्मीद है।

नोट: टोल दरों पर फिलहाल चर्चा जारी है ऑफिशल रिपोर्ट आनी अभी बाकी हैं

“देश के सबसे हाई-टेक और एशिया के सबसे बड़े वाइल्डलाइफ कॉरिडोर वाली इस सड़क पर अब बस गाड़ियों के दौड़ने का इंतजार है। फिलहाल के लिए इतना ही, देश-दुनिया की तमाम खबरों के लिए देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज।

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