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दिव्या सिंह ने साइकिल से फतह किया माउंट एवरेस्ट बेस कैंप, 

गोरखपुर !
तरुण कश्यप

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रहने वाली दिव्या सिंह ने अपनी हिम्मत और जज्बे से एक नया इतिहास रच दिया है। दिव्या ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप (17,598 फीट) तक साइकिल से पहुँचकर भारत का मान बढ़ाया है। वह ऐसा करने वाली देश की पहली महिला साइकिलिस्ट बन गई हैं। 

मुख्य बिंदु:

  • साहसिक सफर: दिव्या ने अपनी यह चुनौतीपूर्ण यात्रा 16 मार्च 2026 को नेपाल की राजधानी काठमांडू से शुरू की थी और इसे लगभग 15 दिनों में पूरा किया।
  • ऊंचाई का कीर्तिमान: उन्होंने 17,598 फीट की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट बेस कैंप तक ऑफरोड साइकिलिंग की। इस दौरान उन्हें पहाड़ों के संकरे रास्तों और अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ा।
  • अगला लक्ष्य: बेस कैंप फतह करने के बाद, दिव्या का अगला लक्ष्य 18,519 फीट ऊंचे माउंट काला पत्थर पर साइकिल से चढ़ाई करना है।
  • प्रेरणा और मार्गदर्शन: 28 वर्षीय शिक्षिका दिव्या, पिपरौली ब्लॉक के बनौड़ा गांव की निवासी हैं। उन्हें इस कठिन अभियान में अनुभवी पर्वतारोही उमा सिंह ने गाइड किया है。 

कठिन परिश्रम और ट्रेनिंग

इस मुकाम तक पहुँचने के लिए दिव्या ने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने उत्तराखंड, राजस्थान के माउंट आबू और नेपाल के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ऑफरोड साइक्लिंग का अभ्यास किया था। उनके इस अभियान को विकास भवन से जिला अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 

निष्कर्ष

दिव्या सिंह की यह उपलब्धि न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण का उदाहरण है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। उनकी इस सफलता पर पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी का माहौल है।

  • उद्देश्य और प्रेरणा: दिव्या का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण का संदेश देना और यह साबित करना था कि महिलाएं किसी भी चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वह समाज की रूढ़ियों को तोड़कर साहसिक खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहती थीं।
  • यात्रा का विवरण: उन्होंने अपनी यह यात्रा 16 मार्च, 2026 को नेपाल के काठमांडू से शुरू की और लगभग 14-15 दिनों में इसे पूरा किया।
  • कठिन प्रशिक्षण: इस मिशन के लिए दिव्या ने उत्तराखंड, राजस्थान के माउंट आबू और नेपाल के पहाड़ी इलाकों में ऑफरोड साइक्लिंग का कड़ा अभ्यास किया था।
  • मार्गदर्शन: उन्हें अनुभवी पर्वतारोही उमा सिंह ने गाइड किया, जिन्होंने खुद भी पहले साइकिल से बेस कैंप फतह करने का रिकॉर्ड बनाया है।
  • अगला लक्ष्य: बेस कैंप फतह करने के बाद, दिव्या का अगला लक्ष्य 18,519 फीट की ऊंचाई पर स्थित माउंट काला पत्थर पर साइकिल से चढ़ाई करना है। 

दिव्या सिंह गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के बनौड़ा गांव की रहने वाली एक 28 वर्षीय शिक्षिका हैं।

“गोरखपुर की दिव्या सिंह ने अपनी हिम्मत के पैडल से एवरेस्ट की ऊंचाइयों को नापकर यह साबित कर दिया है कि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी शिखर दूर नहीं। भारत की इस पहली ‘साइकिलिंग क्वीन’ की ऐतिहासिक जीत पर पूरे देश को गर्व है। देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज,

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