गाजियाबाद: अब हर जोन की होगी अपनी ‘डॉग कैचिंग वैन’, विजयनगर से हुई नई शुरुआत
गाजियाबाद। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके काटने की घटनाओं से परेशान नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। गाजियाबाद नगर निगम ने अपने बेड़े में एक नई आधुनिक डॉग कैचिंग वैन को शामिल किया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विजयनगर जोन के लिए विशेष रूप से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हर जोन के पास होगी अपनी समर्पित टीम
अभी तक गाजियाबाद नगर निगम के पास कुल चार वैन थीं, जिन्हें रोस्टर के हिसाब से अलग-अलग इलाकों में भेजा जाता था। इस वजह से शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने में चुनौती आती थी। अब नई वैन के आने से संसाधनों में इजाफा हुआ है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि भविष्य में हर जोन के पास अपनी एक समर्पित टीम और वाहन हो, ताकि एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम के तहत नसबंदी और टीकाकरण के काम में देरी न हो।
सीएसआर पहल के तहत मिली मदद
नगर आयुक्त ने बताया कि यह नई वैन **कोटक बैंक के सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी)** फंड के जरिए निगम को प्राप्त हुई है। इस वाहन को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जिसमें टीम के बैठने और कुत्तों को सुरक्षित ले जाने के लिए आधुनिक उपकरण मौजूद हैं।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
पिछले कुछ समय से शहर की विभिन्न सोसायटियों और कॉलोनियों से कुत्तों के हमले और बढ़ते डर की शिकायतें निगम मुख्यालय पहुँच रही थीं। नगर आयुक्त के अनुसार:
“जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस वैन के जरिए विजयनगर क्षेत्र में अभियान को और गति मिलेगी, जिससे आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।”
इस उद्घाटन अवसर पर कई पार्षद और पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निगम प्रशासन का कहना है कि शहरवासियों को भयमुक्त वातावरण देने के लिए आने वाले समय में ऐसे और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
नगर निगम की यह पहल न केवल शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाकर नागरिकों और बेजुबानों के बीच के संघर्ष को कम करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
Report: Savdhaan Nation News (Tarun kashyap)