सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बाद राज्य में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा और सनसनीखेज वारदात में भाजपा के दिग्गज नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
मुख्य विवरण :
- घटना का विवरण: यह घटना मध्यमग्राम क्षेत्र में हुई जब संबंधित व्यक्ति अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। स्थानीय पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था: घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
- विभिन्न दलों का पक्ष: इस घटना पर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। विपक्षी दलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। दोनों ही पक्षों ने हिंसा की निंदा करते हुए शांति की अपील की है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:
- पुलिस महानिरीक्षक ने मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में से एक थे। 6 मई 2026 की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
उनकी विस्तृत प्रोफाइल और घटना से जुड़ी अहम जानकारी नीचे दी गई है:
1. व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और करियर
- पूर्व वायुसेना कर्मी: राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ रथ भारतीय वायु सेना (IAF) में अपनी सेवाएं दे चुके थे।
- मूल निवास: वह मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर के रहने वाले थे, जो शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
- उम्र: मृत्यु के समय उनकी उम्र लगभग 41 वर्ष थी।
2. शुभेंदु अधिकारी के साथ संबंध
- लंबे समय का साथ: वे कई दशकों से शुभेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे। जब अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में थे और ममता सरकार में मंत्री थे, तब भी चंद्रनाथ उनके कार्यालय की जिम्मेदारियां संभालते थे।
- वफादारी: 2020 में जब शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल हुए, तब चंद्रनाथ भी उनके साथ भाजपा में आ गए और उनके निजी सहायक (PA) के रूप में काम जारी रखा।
- मुख्य रणनीतिकार: उन्हें अधिकारी का “ट्रबलशूटर” और पर्दे के पीछे का रणनीतिकार माना जाता था। उन्होंने भवानीपुर उपचुनाव (जहाँ शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ प्रचार किया था) और 2026 के विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. हत्या की घटना (6 मई 2026)
- स्थान: यह घटना उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम के डोहरिया मोड़ पर हुई, जब वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे।
- हमला: बाइक और कार पर सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करके रोका और अंधाधुंध फायरिंग की। उन्हें सीने, पेट और सिर में गोलियां लगीं।
- हथियार: जांच में घटनास्थल से ऑस्ट्रिया में बनी ‘ग्लॉक 43x’ पिस्टल के कारतूस मिले हैं, जो पेशेवर सुपारी किलर्स (Supari Killers) की ओर इशारा करते हैं।
- घायल: इस हमले में उनके साथ मौजूद बुद्धदेव बेरा भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
4. राजनीतिक महत्व
भाजपा हलकों में चर्चा थी कि यदि 2026 चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की बड़ी भूमिका बनती है, तो चंद्रनाथ रथ को किसी बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी से नवाजा जा सकता था। उनकी हत्या को भाजपा ने एक “सोची-समझी राजनीतिक साजिश” करार दिया है।
“राजनीति की इस खूनी बिसात पर मोहरे तो गिर रहे हैं, लेकिन असली खिलाड़ी अब भी पर्दे के पीछे हैं। शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या ने बंगाल की सियासत में उबाल ला दिया है। पल-पल की अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ। आप देख रहे हैं सावधान नेशन न्यूज़, निष्पक्षता ही हमारी पहचान।”