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गाजियाबाद: लोनी का चर्चित यूट्यूबर 31 साल पुराना ‘कातिल’, सलीम वास्तिक निकला

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  तरुण कश्यप

लोनी, गाजियाबाद
तारीख: 26 अप्रैल, 2026 

मुख्य बिंदु :

  • असली पहचान: सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान है, जो शामली (यूपी) का रहने वाला है।
  • जुर्म: 1995 में दिल्ली के गोकलपुरी में एक 13 साल के बच्चे (संदीप बंसल) के अपहरण और हत्या का दोषी।
  • सजा और फरारी: 1997 में उम्रकैद की सजा हुई, लेकिन 2000 में पैरोल/अंतरिम बेल पर बाहर आने के बाद से फरार था।
  • नई पहचान: पिछले कई सालों से गाजियाबाद के लोनी में नाम बदलकर रह रहा था और ‘सलीम वास्तिक’ के नाम से यूट्यूब पर सक्रिय था।

गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लोनी से चर्चित यूट्यूबर और सोशल एक्टिविस्ट सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया है, जो असल में 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद का सजायाफ्ता मुजरिम निकला। पुलिस के अनुसार, सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान है और वह पिछले 26 सालों से अपनी पहचान छुपाकर फरार चल रहा था। 

क्या था मामला?
जनवरी 1995 में, दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में एक सीमेंट कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण किया गया था। सलीम खान, जो उस वक्त रामजस स्कूल में मार्शल आर्ट इंस्ट्रक्टर था, ने फिरौती न मिलने पर बच्चे की हत्या कर दी थी। 1997 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन साल 2000 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह गायब हो गया और खुद को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया था।

ऐसे खुला राज:
फरारी के दौरान उसने अपनी पहचान बदलकर ‘सलीम वास्तिक’ रख ली और लोनी में रहने लगा। वह यूट्यूब पर ‘एक्स-मुस्लिम’ के तौर पर वीडियो बनाने लगा और काफी लोकप्रिय हो गया। फरवरी 2026 में, लोनी में उसके ऑफिस पर कुछ हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आया।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जब पैरोल जंपर्स की तलाश कर रही थी, तब उन्हें गुप्त सूचना मिली कि यह मशहूर यूट्यूबर असल में फरार मुजरिम सलीम खान है। पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड्स, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों का मिलान किया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हुई। 

वर्तमान स्थिति:
शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को दिल्ली पुलिस ने लोनी पुलिस की मदद से उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया है, जहां वह अपनी अधूरी उम्रकैद की सजा काटेगा। 

“तो सावधान रहिए, क्योंकि जुर्म का साया कितना भी गहरा क्यों न हो, कानून की रोशनी उसे ढूंढ ही निकालती है। इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज

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