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सावधान नेशन न्यूज़

रूस में 33 साल पुराने स्वतंत्र अखबार Novaya Gazeta पर लगा ताला, 9 नवंबर को बंद होंगे दफ्तर और सर्वर

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नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026

रूस से प्रेस की आजादी को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। रूस के सबसे चर्चित स्वतंत्र और खोजी समाचार पत्रों में शामिल Novaya Gazeta ने अपना कामकाज पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। अखबार के संपादकीय मंडल ने 30 अक्टूबर 2026 को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 9 नवंबर को मॉस्को स्थित कार्यालय खाली कर दिया जाएगा, सर्वर बंद कर दिए जाएंगे और अखबार का आखिरी अंक प्रकाशित किया जाएगा।
अखबार ने अपने विदाई संदेश में बेहद भावुक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हमें खत्म कर दिया गया है।” संपादकीय टीम का आरोप है कि रूसी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव ने उसके लिए काम करना असंभव बना दिया है।

आखिर क्या है पूरा मामला?
Novaya Gazeta रूस का एक जाना-माना स्वतंत्र समाचार पत्र है, जिसकी स्थापना 1993 में हुई थी। सोवियत संघ के विघटन के बाद शुरू हुए इस अखबार ने रूस की राजनीति, भ्रष्टाचार, मानवाधिकारों के उल्लंघन, सरकारी व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्ट प्रकाशित कीं।
इस अखबार की पहचान सरकार से सवाल पूछने और उन मुद्दों को सामने लाने की रही है, जिन पर दूसरे समाचार माध्यम खुलकर चर्चा करने से बचते थे।
इसकी स्थापना में पूर्व सोवियत राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव का भी महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने अपने नोबेल शांति पुरस्कार से मिली राशि का एक हिस्सा अखबार की शुरुआत में दिया था।
तीन दशकों से अधिक समय तक इस अखबार ने रूसी सत्ता व्यवस्था पर सवाल उठाए और स्वतंत्र पत्रकारिता की पहचान बनाए रखी। लेकिन अब इसका सफर समाप्त होने जा रहा है।

क्यों बंद हो रहा है यह अखबार?
अखबार के मुताबिक, पिछले कई वर्षों से उस पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। खासकर वर्ष 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच पूर्ण स्तर पर युद्ध शुरू होने के बाद स्वतंत्र मीडिया के लिए परिस्थितियां और कठिन हो गईं।
अखबार की ओर से बताई गई प्रमुख परेशानियां इस प्रकार हैं:

  1. प्रकाशन की अनुमति रद्द: रूसी अदालतों ने अखबार का प्रिंट और ऑनलाइन मीडिया पंजीकरण रद्द कर दिया, जिससे रूस के भीतर उसके नियमित प्रकाशन पर रोक लग गई।
  2. वेबसाइट पर प्रतिबंध: अखबार की वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को रूस में ब्लॉक कर दिया गया।
  3. विदेशी एजेंट का दर्जा: सितंबर 2026 में रूस के न्याय मंत्रालय ने पूरे संपादकीय दल को विदेशी एजेंट की सूची में शामिल कर दिया। रूस में यह एक विवादास्पद कानूनी श्रेणी है, जिसके साथ कई तरह की कानूनी और प्रशासनिक बाध्यताएं जुड़ी हैं।
  4. कार्यालय खाली करने का आदेश: मॉस्को स्थित अखबार के कार्यालय को खाली करने के लिए कहा गया। यही कार्यालय करीब तीन दशकों से उसकी पत्रकारिता गतिविधियों का केंद्र रहा था।
  5. आर्थिक सहायता बंद: पाठकों से आर्थिक सहयोग प्राप्त करने वाला डोनेशन प्लेटफॉर्म भी बंद हो गया। इसके कारण अखबार के पास अपना काम जारी रखने के लिए आर्थिक संसाधन नहीं बचे।
  6. पत्रकारों पर कार्रवाई: अखबार के पत्रकारों और संपादकों के खिलाफ जांच, पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की घटनाएं भी सामने आईं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए संपादकीय टीम ने कहा है कि अब उसके पास काम बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

पत्रकारिता की कीमत चुकाने वाले पत्रकार
इस अखबार का इतिहास सिर्फ खबरें प्रकाशित करने तक सीमित नहीं रहा। यहां काम करने वाले कई पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डालकर भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों को उजागर किया।
अन्ना पोलितकोव्स्काया: वह रूस की चर्चित खोजी पत्रकार थीं। उन्होंने चेचन्या में सैन्य कार्रवाई और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े मामलों पर रिपोर्टिंग की थी। 7 अक्टूबर 2006 को मॉस्को में उनके अपार्टमेंट की इमारत में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
दिमित्री मुरातोव: अखबार के सह-संस्थापक और लंबे समय तक प्रधान संपादक रहे। उन्हें वर्ष 2021 में पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला था।
छह पत्रकारों की हत्या: अखबार के अनुसार, उसके छह सहयोगियों की हत्या हुई। इनमें अन्ना पोलितकोव्स्काया भी शामिल थीं।
इन घटनाओं ने रूस में पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता को लेकर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

हाल ही में किन पत्रकारों पर हुई कार्रवाई?
अक्टूबर 2026 में भी अखबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आईं।
अप्रैल 2026 में खोजी पत्रकार ओलेग रोल्दुगिन को गिरफ्तार किया गया था। उन पर कंप्यूटर से जुड़ी जानकारी और निजी डेटा के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल के आरोप लगाए गए। बाद में उन्हें नजरबंद किया गया।
15 अक्टूबर 2026 को अखबार के प्रधान संपादक सर्गेई सोकोलोव के घर की तलाशी ली गई।
अखबार के कार्यालय पर भी तलाशी और कानूनी कार्रवाई का दबाव रहा।
इन घटनाओं के बाद अखबार के बंद होने की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

क्या अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस पर प्रतिक्रिया दी है?
इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता और मानवाधिकार संगठनों ने गंभीर चिंता जताई है।
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने अखबार के बंद होने को रूस में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए बड़ा नुकसान बताया है। संगठन के अनुसार, Novaya Gazeta तीन दशकों से अधिक समय तक स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता का प्रतीक रहा है।
वहीं एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी 30 अक्टूबर को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखबार का बंद होना उन लोगों के लिए बड़ा नुकसान है, जो रूस में स्वतंत्र और खोजी पत्रकारिता के माध्यम से सच्चाई जानना चाहते हैं। संगठन ने पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई है।

क्या 9 नवंबर के बाद रूस में इसकी पत्रकारिता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी?
अखबार की मौजूदा संपादकीय टीम ने 9 नवंबर 2026 को मॉस्को का कार्यालय छोड़ने और अपने सर्वर बंद करने की घोषणा की है। इससे पहले उसका एक आखिरी अंक प्रकाशित करने की योजना है।
हालांकि, एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इसके कुछ पूर्व पत्रकारों ने रूस छोड़कर अलग से Novaya Gazeta Europe नाम से पत्रकारिता का काम शुरू किया था। यह यूरोप से संचालित एक अलग प्रकाशन है और मॉस्को स्थित अखबार के बंद होने का अर्थ यह नहीं है कि उसका काम भी उसी दिन बंद हो जाएगा।

प्रेस की आजादी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह घटना?

किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की भूमिका केवल सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना नहीं होती, बल्कि सरकार से सवाल पूछना, गलत नीतियों की आलोचना करना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना भी होती है।
Novaya Gazeta का बंद होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल एक समाचार पत्र के कार्यालय पर ताला लगने की घटना नहीं है। यह उस पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों को दिखाता है, जो सत्ता से सवाल पूछने और संवेदनशील मुद्दों की जांच करने का प्रयास करती है।
रूस और यूक्रेन के युद्ध के बाद से वहां स्वतंत्र मीडिया पर बढ़ते प्रतिबंधों की चर्चा लगातार होती रही है। ऐसे में 33 साल पुराने इस अखबार का बंद होना अंतरराष्ट्रीय मीडिया जगत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


निष्कर्ष: फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Novaya Gazeta ने 30 अक्टूबर को अपना कामकाज बंद करने की घोषणा की है। 9 नवंबर को उसका मॉस्को कार्यालय और सर्वर बंद करने की योजना है। अखबार ने इसके लिए रूसी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। रूसी अधिकारियों की ओर से इस ताजा घोषणा पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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