सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में महाराष्ट्र से 45 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में देहरादून के एक व्यक्ति को ऑनलाइन कमोडिटी ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर करीब 84.70 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। पुलिस की जांच में आरोपी से जुड़े बैंक खाते में 29.50 लाख रुपये पहुंचने की बात सामने आई है। आरोपी दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में वांछित था।
26 अक्टूबर को महाराष्ट्र के सांगली से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान यासीन युसूफ मनेर (45 वर्ष) के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र के सांगली जिले के मिरज इलाके का रहने वाला है।
उत्तराखंड STF की साइबर टीम ने जांच के दौरान आरोपी की पहचान और उसके बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से उसकी तलाश शुरू की।
लगातार सुराग जुटाने और निगरानी के बाद STF ने 26 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के सांगली जिले से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी में किया गया था।
कैसे हुई थी 84.70 लाख रुपये की ठगी?
इस मामले की शुरुआत देहरादून में दर्ज साइबर क्राइम की शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता को ऑनलाइन कमोडिटी ट्रेडिंग के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने बड़ी रकम निवेश कर दी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि सितंबर 2024 में पीड़ित के 29 लाख 50 हजार रुपये बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक ऐसे खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसका संबंध आरोपी यासीन युसूफ मनेर से बताया गया है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह बैंक खाता साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए खातों की शुरुआती बैंकिंग कड़ी यानी फर्स्ट लेयर में शामिल था।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी ठगी की रकम आरोपी के खाते में पहुंची थी। पुलिस फिलहाल पूरे पैसों के लेनदेन और इसमें शामिल दूसरे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
दो साइबर मामलों में वांछित था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी केवल एक मामले में ही नहीं, बल्कि देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में वांछित था।
पहला मामला FIR संख्या 75/2024 है, जिसकी जांच के दौरान आरोपी के बैंक खाते का संबंध सामने आया।
दूसरा मामला FIR संख्या 71/2024 है, जिसमें भी आरोपी की तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था। लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद STF ने महाराष्ट्र में उसकी तलाश तेज कर दी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
क्या दूसरे आरोपियों की भी होगी गिरफ्तारी?
उत्तराखंड STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, इस साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में भेजी गई, इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल थे और पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और ठगी की पूरी रकम का पता लगना अभी बाकी है।
ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें?
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन निवेश और कमोडिटी ट्रेडिंग के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहने की अपील की है।
कुछ जरूरी सावधानियां:
अधिक मुनाफे और कम समय में पैसा दोगुना करने के दावों पर भरोसा न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
निवेश करने से पहले कंपनी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचें।
किसी के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड या गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें या सरकारी वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।
निष्कर्ष: देहरादून में करीब 84.70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में महाराष्ट्र से हुई यह गिरफ्तारी बताती है कि ऑनलाइन अपराधों का नेटवर्क अलग-अलग राज्यों तक फैला हो सकता है। पुलिस की जांच जारी है और अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी तथा ठगी की रकम का पता लगाना बड़ी चुनौती है।
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