Skip to main content

सावधान नेशन न्यूज़

स्वास्थ्य सेवाओं में AI से नई उम्मीद, IIT BHU में दिव्यांगजनों की मदद और बेहतर इलाज पर मंथन

सावधान नेशन न्यूज़

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और बेहतर बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सहायक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (BHU), वाराणसी के नवाचार, इनक्यूबेशन एवं उद्यमिता केंद्र (CIIE) ने 17 अक्टूबर 2026 को एक तकनीकी सम्मेलन आयोजित किया। इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 18 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में दी।


सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए विकसित की जा रही तकनीकों को वास्तविक जीवन में उपयोगी समाधानों और उत्पादों में बदलने के रास्ते तलाशना था। इसमें सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

बीमारी की पहचान से लेकर ICU की निगरानी तक AI पर चर्चा
सम्मेलन में इस बात पर विचार किया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बीमारियों की शुरुआती पहचान, चिकित्सा जांच, दूर से ICU मरीजों की निगरानी और सर्जरी की योजना बनाने जैसे क्षेत्रों में किस तरह किया जा सकता है। ऐसी तकनीकें सही ढंग से विकसित और इस्तेमाल की जाएं, तो डॉक्टरों को निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक लाभ में बदलने के लिए तकनीकों की विश्वसनीयता, मरीजों के डेटा की सुरक्षा, चिकित्सकीय निगरानी और आम लोगों तक उनकी पहुंच जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

IIT BHU और STPI की पहल का मकसद
सम्मेलन में दो प्रमुख विषयों पर पैनल चर्चा हुई। पहली चर्चा में AI के जरिए स्वास्थ्य, सामाजिक समावेशन और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। दूसरी चर्चा में इस बात पर विचार हुआ कि प्रयोगशालाओं और संस्थानों में हो रहे शोध को ऐसे उत्पादों में कैसे बदला जाए, जिनका इस्तेमाल अस्पतालों और आम लोगों की जरूरतों के लिए किया जा सके।


इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने अपने संबोधन में AI की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने और डॉक्टरों के चिकित्सकीय निर्णयों को बेहतर सहयोग देने की संभावनाओं पर जोर दिया। वहीं, STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार और IIT BHU के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया।

स्टार्टअप और नए उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, चिकित्सा संस्थानों और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाना है। भारत में विकसित तकनीकों को उपयोगी उत्पादों के रूप में आगे बढ़ाने, निवेशकों से जोड़ने और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए ऐसे सहयोग को अहम माना जा रहा है।


फिलहाल, यह सम्मेलन विचार-विमर्श और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने की पहल है। इससे किसी नई AI चिकित्सा तकनीक के व्यापक स्तर पर लागू होने या मरीजों को तत्काल लाभ मिलने की पुष्टि नहीं होती। वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि विकसित समाधान कितने सुरक्षित, सटीक, किफायती और आम लोगों के लिए उपयोगी साबित होते हैं।

सावधान नेशन न्यूज़…