सावधान नेशन न्यूज़
गुजरात में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने और बिजली संयंत्रों में कोयले के सीमित भंडार के कारण बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को संभालने के लिए राज्य में उद्योगों से शाम के व्यस्त समय में बिजली की खपत कम करने और संभव हो तो उत्पादन का काम दूसरे समय में करने की अपील की गई है।
शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक बिजली बचाने पर जोर
रिपोर्टों के अनुसार, गुजरात की बिजली वितरण कंपनी उत्तर गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (UGVCL) ने उद्योगों और नागरिकों को संदेश भेजकर शाम के समय बिजली बचाने की सलाह दी है। यह अपील शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक की अवधि के लिए की गई है, जब बिजली की मांग अधिक रहती है।
कारखानों से कहा गया है कि वे स्वेच्छा से अपनी बिजली की खपत और उत्पादन का समय बदलने पर विचार करें। इसका उद्देश्य बिजली की मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना तथा संभावित कमी के दबाव को कम करना है।
आखिर क्यों बढ़ रही है बिजली की मांग?
गुजरात में बिजली की खपत बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। गर्म मौसम के कारण पंखों और एयर कंडीशनर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसके अलावा, खेती के लिए सिंचाई की जरूरत और त्योहारों से पहले औद्योगिक गतिविधियों में तेजी ने भी बिजली की मांग बढ़ाई है।
शाम के समय एक बड़ी चुनौती सौर ऊर्जा उत्पादन का कम हो जाना है। दिन में सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली सूर्यास्त के बाद उपलब्ध नहीं रहती। पर्याप्त बैटरी भंडारण व्यवस्था नहीं होने पर दिन में पैदा हुई अतिरिक्त बिजली को शाम के लिए इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर दबाव बढ़ता है।
कोयले की उपलब्धता भी बनी चुनौती
देश के कई ताप बिजली संयंत्रों में कोयले का भंडार कम होने की खबरें सामने आई हैं। रॉयटर्स की 21 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत से देश के बिजली संयंत्रों में कोयले का कुल भंडार लगभग 5 प्रतिशत घटा है। इसके साथ ही देश में बिजली की अधिकतम दैनिक मांग पिछले साल की तुलना में करीब 45 से 50 गीगावाट अधिक चल रही है।
इस परिस्थिति में गुजरात सहित कई राज्य अतिरिक्त बिजली और कोयले की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। गुजरात ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त कोयला और बिजली आपूर्ति की मांग भी की है।
सरकार के सामने क्या है चुनौती?
राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती उद्योगों, किसानों और आम लोगों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए बिजली की मांग पर नजर रखने, अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था करने और भविष्य में बैटरी भंडारण जैसी सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
ध्यान देने वाली बात: उद्योगों से शाम के समय खपत घटाने की अपील का अर्थ यह नहीं है कि पूरे गुजरात में बिजली कटौती निश्चित है या बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होने वाली है। फिलहाल यह कदम बढ़ती मांग के बीच बिजली व्यवस्था पर दबाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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