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सावधान नेशन न्यूज़

आंध्र प्रदेश के स्कूल में चेनसॉ से खूनी हमला: 10वीं की छात्रा को निशाना बनाने वाला उसका रिश्तेदार निकला, बचाने आई दूसरी छात्रा भी घायल

सावधान नेशन न्यूज़

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026

आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राप्ताडु गांव के एक सरकारी स्कूल में 31 अक्टूबर को एक 21 वर्षीय युवक चेनसॉ लेकर कक्षा 10 के कमरे में घुस गया और वहां पढ़ रही 15 वर्षीय छात्रा पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे बचाने के लिए आगे आई उसकी एक सहपाठी भी इस हमले की चपेट में आकर घायल हो गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी की पहचान पीड़िता के रिश्तेदार के रूप में हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसे छात्रा का मामा बताया गया है।


आखिर कब और कहां हुई यह घटना?
यह घटना शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्ताडु स्थित जिला परिषद हाई स्कूल (Zilla Parishad High School) में हुई।
उस समय स्कूल में सामान्य रूप से पढ़ाई चल रही थी। कक्षा 10 के विद्यार्थी अपनी कक्षा में बैठे थे और गणित की पढ़ाई हो रही थी। कक्षा में शिक्षिका भी मौजूद थीं।
इसी दौरान आरोपी युवक चेनसॉ लेकर स्कूल परिसर में दाखिल हुआ और सीधे कक्षा में पहुंच गया। उसने वहां बैठी 15 वर्षीय छात्रा पर अचानक हमला कर दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि शिक्षिका और दूसरे विद्यार्थियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।


कौन है आरोपी और हमला करने के पीछे क्या वजह बताई जा रही है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आरोपी की पहचान हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 21 वर्ष बताई गई है। वह श्री सत्य साई जिले के नागलुरु क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने आरोपी को पीड़िता का मामा बताया है। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि वह कुछ समय से लड़की को प्यार के नाम पर परेशान कर रहा था।
NDTV की 1 नवंबर की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि आरोपी पहले भी लड़की के सामने अपनी भावनाएं जाहिर कर चुका था और उसके मना करने के बाद नाराज था।
हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़िता के परिवार ने भी कहा है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आरोपी ने बच्ची को निशाना क्यों बनाया। इसलिए हमले के पीछे की पूरी वजह को पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में अभी पेश नहीं किया जा सकता।


दूसरी छात्रा ने बचाने की कोशिश की, वह भी घायल
हमले के दौरान कक्षा में मौजूद दूसरी छात्रा ने अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश की। लेकिन आरोपी के हमले में वह भी घायल हो गई।
पहली छात्रा को चेहरे, गर्दन और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। रिपोर्टों के अनुसार उसके दाहिने हाथ को भी बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा। दूसरी छात्रा को भी चोटें आईं।
इस घटना के बाद कक्षा में मौजूद बच्चों में चीख-पुकार मच गई। कई विद्यार्थी डर के कारण इधर-उधर भागने लगे। शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।


आरोपी स्कूल के अंदर कैसे पहुंचा?
इस घटना ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की 1 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार घटना के समय स्कूल का मुख्य गेट बंद था। लेकिन वहां तैनात चौकीदार पौधों में पानी डालने के लिए बाल्टी लेने अंदर चला गया था। इसी दौरान आरोपी के स्कूल परिसर में प्रवेश करने की बात सामने आई है।
पुलिस स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान की जांच कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी स्कूल के बाहर कितनी देर से मौजूद था और वह हथियार लेकर कक्षा तक कैसे पहुंचा।


छात्रा की हालत अब कैसी है?
हमले के बाद दोनों घायल छात्राओं को अनंतपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल छात्रा की सर्जरी की गई।
इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे 31 अक्टूबर की रात बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।
1 नवंबर की सुबह इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई गई। डॉक्टरों ने आगे ऑर्थोपेडिक और प्लास्टिक सर्जरी की योजना बनाई है। दूसरी घायल छात्रा का इलाज अनंतपुर में जारी है और उसकी हालत में सुधार की जानकारी दी गई है।


क्या आरोपी गिरफ्तार हो चुका है?
इस मामले में 1 नवंबर तक सामने आई इंडियन एक्सप्रेस और UNI की रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने आरोपी हेमंत को धर्मावरम रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया था। NDTV की एक अन्य रिपोर्ट में उसके फरार होने की जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और हमले के पीछे के कारणों तथा स्कूल की सुरक्षा में हुई चूक की पड़ताल की जा रही है।


सरकार ने क्या कदम उठाए?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख और नाराजगी जताई। उन्होंने घायल छात्रा को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने 1 नवंबर को बताया कि विद्यार्थियों को मानसिक सहारा देने के लिए 20 काउंसलरों की टीम लगाई गई है। यह टीम कक्षा 10-A के 32 विद्यार्थियों और अन्य छात्राओं के घर जाकर उनसे तथा उनके परिवारों से बातचीत कर रही है।
सरकार ने घटना के बाद स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी बात कही है।


स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना सिर्फ एक छात्रा पर हमले का मामला नहीं है, बल्कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। जिस जगह बच्चे शिक्षा हासिल करने और अपना भविष्य बनाने जाते हैं, वहां इस तरह का हमला होना बेहद चिंताजनक है।
सबसे जरूरी सवाल यह है कि एक युवक चेनसॉ लेकर स्कूल परिसर में कैसे पहुंचा और कक्षा तक पहुंचने से पहले उसे क्यों नहीं रोका जा सका?
इस मामले में निष्पक्ष जांच, दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई और स्कूलों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।

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