सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 24 जून 2026
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान गड़बड़ी/हेराफेरी मामले में जांच कर रही SIT (विशेष जांच दल) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट SIT की तरफ से लखनऊ में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। हालांकि रिपोर्ट के अंदर की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
मामला शुरू कैसे हुआ?
इस विवाद की शुरुआत उन आरोपों के बाद हुई जिसमें दावा किया गया कि राम मंदिर को मिलने वाले दान और चढ़ावे के हिसाब-किताब में अनियमितता हुई है। कुछ आरोपों में पैसे के गलत इस्तेमाल की बात कही गई। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की ओर से जांच की मांग की गई और यूपी सरकार ने SIT बनाई।
SIT ने क्या जांच की?
SIT ने अयोध्या में जाकर करीब एक हफ्ते तक जांच की। टीम ने मंदिर से जुड़े रिकॉर्ड, दान व्यवस्था, कर्मचारियों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान एक कर्मचारी के घर से कथित तौर पर 10 लाख रुपये नकद मिलने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।
क्या SIT रिपोर्ट से घोटाला साबित हो गया?
अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा। प्रारंभिक रिपोर्ट सिर्फ जांच का पहला चरण है। इसमें SIT ने अब तक मिले तथ्यों की जानकारी सरकार को दी है। अंतिम रिपोर्ट आने और सबूतों की जांच के बाद ही तय होगा कि वास्तव में कोई अपराध या वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं।
आगे क्या हो सकता है?
अगर SIT को जांच में पर्याप्त सबूत मिलते हैं तो:
FIR दर्ज हो सकती है
जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है
वित्तीय रिकॉर्ड की और गहराई से जांच हो सकती है
दान व्यवस्था में नए नियम लागू किए जा सकते हैं
वहीं अगर आरोप साबित नहीं होते तो मामले में स्थिति साफ हो जाएगी।
फिलहाल सबसे बड़ी बात यह है कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट जमा हो चुकी है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी है। सच पूरी तरह सामने आने के लिए अंतिम जांच रिपोर्ट और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार करना होगा।
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