सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2026
महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती तालुका स्थित शेरेवाड़ी गांव में दो बुजुर्ग महिलाओं की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के कुछ दिनों बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने 26 वर्षीय विकास राजेंद्र लडकत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी उसी गांव का रहने वाला है और मृतकों में शामिल इंदुमती लडकत का रिश्तेदार है। उसे सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे पास के इलाके से पकड़ा गया।
यह वही मामला है जिसमें 75 वर्षीय इंदुमती मारुति लडकत और 65 वर्षीय कृष्णाबाई कुंडलिक लडकत की घर के बाहर सोते समय धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस को मामला लूटपाट से जुड़ा लगा था, क्योंकि महिलाओं के कुछ आभूषण गायब मिले थे। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्या के पीछे की पूरी कहानी और मकसद का पता लगाने में जुटी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 29 सितंबर 2026 को बारामती तालुका के शेरेवाड़ी गांव में सामने आई थी। दोनों महिलाएं रात में अपने घर के बाहर बरामदे/ओसरी में सो रही थीं। सुबह जब परिवार के लोगों ने उन्हें देखा तो दोनों मृत अवस्था में मिलीं। पुलिस के अनुसार दोनों के गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही सुपा पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मृतकों की पहचान इंदुमती मारुति लडकत (75) और कृष्णाबाई कुंडलिक लडकत (65) के रूप में हुई। इंदुमती लडकत बाबुर्डी गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी थीं। रिपोर्टों के अनुसार उनके दो बेटे हैं, जिनमें से एक बारामती में ग्रामसेवक के तौर पर काम करता है, जबकि दूसरा बेंगलुरु में नौकरी करता है। कृष्णाबाई का बेटा गांव में खेती करता है।
सोते समय हुआ हमला
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक दोनों महिलाएं रात में घर के बाहर सो रही थीं। इसी दौरान हमलावर ने उन पर हमला किया। घटनास्थल से महिलाओं के कुछ सोने के आभूषण गायब मिले और घर में भी छानबीन किए जाने के संकेत मिले थे।
घटना के शुरुआती दौर में पुलिस को आशंका थी कि चोरी या लूट के इरादे से हमला किया गया और महिलाओं के विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई। हालांकि उस समय पुलिस ने किसी एक वजह को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया था और कई एंगल से जांच की जा रही थी।
पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया था। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी सुरागों की जांच की गई।
जांच के दौरान आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?
घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना थी। गांव और आसपास के इलाके में पर्याप्त सीसीटीवी कवरेज नहीं होने के कारण जांचकर्ताओं को तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटानी पड़ी।
पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध सुरागों को जोड़ने का प्रयास किया। इसी जांच के दौरान विकास राजेंद्र लडकत पुलिस के संदेह के दायरे में आया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के मुताबिक आरोपी मृतक महिलाओं में से एक, इंदुमती लडकत, का रिश्तेदार है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार वह इंदुमती की रिश्तेदार की संतान का बेटा यानी परिवार में रिश्ते के स्तर पर उनका चचेरा/दूर का पोता लगता है।
पैसों की परेशानी बनी हत्या की वजह?
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी कथित तौर पर आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में पैसों की जरूरत और आर्थिक दबाव की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिलाओं से आभूषण लेने के लिए ही हमला किया गया था या हत्या के पीछे कोई अन्य कारण भी था। घटनास्थल पर मिले सुराग और आरोपी से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इसलिए यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि मामले की पूरी वजह केवल चोरी थी। पुलिस की जांच और अदालत में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही हत्या के वास्तविक मकसद की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
पुलिस को क्या-क्या पता चला?
जांच के दौरान पुलिस को दोनों महिलाओं के घरों में सामान अस्त-व्यस्त होने और कुछ आभूषण गायब होने के संकेत मिले। इसी कारण शुरुआत में लूट की आशंका मजबूत हुई थी।
पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की मदद ली। साथ ही यह भी जांच की गई कि आरोपी घटनास्थल तक कैसे पहुंचा, वारदात के बाद किस रास्ते से निकला और क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी।
क्या आरोपी अकेला था?
फिलहाल पुलिस इस सवाल का जवाब तलाश रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या में उसके साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
पुलिस यह भी जांच रही है कि गायब हुए आभूषण कहां हैं और वारदात में इस्तेमाल हथियार का क्या हुआ। इसके अलावा हत्या से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
महाराष्ट्र की स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद पांच दिन की पुलिस हिरासत दी गई है। पुलिस इसी अवधि में मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।
गांव में दहशत का माहौल
दो बुजुर्ग महिलाओं की एक साथ हत्या की घटना से शेरेवाड़ी और आसपास के इलाकों में काफी दहशत फैल गई थी। खास तौर पर इसलिए भी चिंता बढ़ी क्योंकि महिलाएं अपने ही घर के बाहर सो रही थीं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। बारामती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हुई। इस मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक स्तर पर भी चिंता व्यक्त की गई और पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी।
अब आगे क्या होगा?
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं—हत्या का वास्तविक मकसद क्या था, कितने आभूषण गायब हुए, हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां है और क्या आरोपी के साथ कोई दूसरा व्यक्ति भी शामिल था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी सबूतों से उसके बयान का मिलान किया जा रहा है। इसलिए मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
महत्वपूर्ण बात: आरोपी गिरफ्तार हुआ है, लेकिन अदालत में दोष सिद्ध होने तक उसे कानूनी तौर पर दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस की मौजूदा जानकारी और शुरुआती जांच के आधार पर ही उसके खिलाफ आरोप सामने आए हैं।
निष्कर्ष
बारामती के शेरेवाड़ी गांव में दो बुजुर्ग महिलाओं की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। शुरुआत में मामला अज्ञात हमलावरों द्वारा लूट के दौरान हत्या का लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उसी गांव के 26 वर्षीय विकास राजेंद्र लडकत को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी मृतक इंदुमती लडकत का रिश्तेदार है और शुरुआती पूछताछ में आर्थिक परेशानी की बात सामने आई है।
अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि आखिर दोनों महिलाओं को क्यों निशाना बनाया गया और क्या इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। आने वाले दिनों में पुलिस की पूछताछ और जांच से इस दोहरे हत्याकांड की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
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