सावधान नेशन न्यूज़
वाराणसी, 28 मई 2026
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित Banaras Hindu University (बीएचयू) में मंगलवार रात एक गंभीर घटना सामने आई, जब हॉस्टल मेस में परोसे गए खाने में कथित तौर पर मरी हुई छिपकली मिलने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। यह मामला बीएचयू के डालमिया हॉस्टल से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद छात्रों में भारी नाराजगी फैल गई और देर रात तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 27 मई 2026 की रात करीब 8 बजे के आसपास हुई, जब हॉस्टल के छात्रों को मेस में चिकन करी परोसी जा रही थी। उसी दौरान कुछ छात्रों ने खाने के बर्तन में छिपकली जैसी वस्तु देखी। पहले तो छात्रों को विश्वास नहीं हुआ, लेकिन ध्यान से देखने पर उसमें मरी हुई छिपकली होने की बात कही गई। इसके बाद पूरे हॉस्टल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि छिपकली दिखाई देने से पहले लगभग 30 से 40 छात्र वही खाना खा चुके थे। घटना की जानकारी फैलते ही कई छात्रों ने उल्टी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत की। हालांकि प्रशासन की ओर से किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं की गई।
घटना के तुरंत बाद गुस्साए छात्र मेस के बाहर जमा हो गए और हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का आरोप था कि मेस में लंबे समय से खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कई छात्रों ने कहा कि मेस की रसोई में स्वच्छता का अभाव है और खाने की जांच ठीक से नहीं होती।
स्थिति बिगड़ती देख हॉस्टल वार्डन और विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची। छात्रों ने वार्डन का घेराव कर मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर भी घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
मेस संचालक अरविंद चौरसिया ने सफाई देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में छिपकलियां अक्सर रसोई क्षेत्र में आ जाती हैं और संभव है कि गलती से वह खाने में गिर गई हो। हालांकि छात्रों ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और इसे सीधी लापरवाही बताया।
छात्रों ने प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी। शिकायत में केवल इस घटना का ही नहीं, बल्कि हॉस्टल में खराब भोजन, साफ पानी की कमी और मेस प्रबंधन की लापरवाही जैसे कई मुद्दों का उल्लेख किया गया। छात्रों का कहना था कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार किया गया होता तो ऐसी घटना नहीं होती।
काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और मेस संचालन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। साथ ही संबंधित मेस ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही गई। इसके बाद देर रात छात्रों का प्रदर्शन शांत हुआ।
यह पहली बार नहीं है जब किसी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी देश के कई शिक्षण संस्थानों में खाने में कीड़े, कॉकरोच या अन्य गंदगी मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल के दिनों में दिल्ली विश्वविद्यालय और भोपाल के एक विश्वविद्यालय में भी ऐसे मामले चर्चा में रहे थे।
बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हुई इस घटना ने एक बार फिर छात्रावासों की भोजन व्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि विश्वविद्यालयों को केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भोजन की जिम्मेदारी भी गंभीरता से निभानी चाहिए।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। छात्र अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि दोषियों पर वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई होती है या मामला केवल आश्वासन तक सीमित रह जाता है।
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