सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 28 मई 2026
टेनिस की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित क्ले कोर्ट टूर्नामेंट French Open इस समय पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। पेरिस के रोलां गैरो में चल रहे इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा चर्चा दो नामों की हो रही है — Novak Djokovic और Iga Swiatek। एक ओर जोकोविच इतिहास रचने की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वियातेक क्ले कोर्ट की अपनी बादशाहत फिर साबित करने में जुटी हैं।
इस बार का फ्रेंच ओपन सिर्फ मैचों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुभव, दबाव, फिटनेस और रिकॉर्ड की लड़ाई भी बन चुका है। दुनिया भर के खेल विशेषज्ञ और प्रशंसक लगातार इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चर्चा कर रहे हैं।
नोवाक जोकोविच की ऐतिहासिक चुनौती
39 वर्षीय नोवाक जोकोविच इस बार अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में उतरे हैं। अगर वह यह खिताब जीतते हैं, तो पुरुष और महिला टेनिस इतिहास में सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।
जोकोविच ने दूसरे दौर में फ्रांस के युवा खिलाड़ी वेलेंटिन रॉयर को चार सेटों में हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। मुकाबला आसान नहीं था। दर्शकों का भारी समर्थन फ्रांसीसी खिलाड़ी के साथ था, लेकिन अनुभवी जोकोविच ने दबाव के बीच शानदार संयम दिखाया।
इस मैच में जोकोविच ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। रोलां गैरो में लगातार 21वीं बार तीसरे दौर में पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा वह किसी एक ग्रैंड स्लैम में 120 मैच खेलने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी भी बन गए हैं।
हालांकि उनकी राह आसान नहीं दिख रही। पेरिस में बढ़ती गर्मी, लंबे मुकाबले और युवा खिलाड़ियों की चुनौती उनके सामने बड़ी परीक्षा बन सकती है। मैच के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह आगे किसी फ्रांसीसी खिलाड़ी से नहीं भिड़ना चाहते। यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा।
इगा स्वियातेक फिर बनीं क्ले कोर्ट की रानी
महिला वर्ग में सबसे ज्यादा चर्चा इगा स्वियातेक की हो रही है। पोलैंड की यह स्टार खिलाड़ी फ्रेंच ओपन में पहले ही चार बार खिताब जीत चुकी हैं और क्ले कोर्ट पर उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार माना जाता है।
स्वियातेक ने दूसरे दौर में सारा बेजलेक को सीधे सेटों में हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। हालांकि मैच के दौरान उन्होंने कई अनफोर्स्ड एरर किए, लेकिन उनके अनुभव और आक्रामक खेल के सामने प्रतिद्वंद्वी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही स्वियातेक इस बार अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं दिख रही हों, लेकिन रोलां गैरो की क्ले कोर्ट पर उनका आत्मविश्वास बाकी खिलाड़ियों से कहीं ज्यादा मजबूत है। यही वजह है कि उन्हें फिर से खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
सोशल मीडिया और टेनिस फोरम्स पर भी स्वियातेक की लगातार चर्चा हो रही है। कई प्रशंसकों का कहना है कि क्ले कोर्ट पर उन्हें हराना अभी भी बेहद मुश्किल है। कुछ लोगों ने तो उन्हें “क्ले क्वीन” तक कहना शुरू कर दिया है।
चर्चा का विषय क्यों बने दोनों खिलाड़ी?
इस बार फ्रेंच ओपन में जोकोविच और स्वियातेक कई कारणों से चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
- रिकॉर्ड और विरासत
जोकोविच अपने करियर के सबसे बड़े रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं स्वियातेक लगातार फ्रेंच ओपन में अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। - अनुभव बनाम युवा चुनौती
जोकोविच को युवा खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिल रही है। दूसरी ओर स्वियातेक के सामने नई पीढ़ी की महिला खिलाड़ी बड़ी चुनौती बनकर उभर रही हैं। - मानसिक दबाव
ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती भी अहम होती है। दोनों खिलाड़ियों ने अब तक दबाव में शानदार प्रदर्शन किया है। - मौसम और फिटनेस
पेरिस की गर्मी खिलाड़ियों की परीक्षा ले रही है। लंबे मैचों के कारण फिटनेस बड़ी भूमिका निभा रही है।
आगे क्या?
अब सभी की नजर अगले दौर के मुकाबलों पर टिकी है। अगर जोकोविच अपनी लय बनाए रखते हैं, तो वह फाइनल तक पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर स्वियातेक भी महिला वर्ग में मजबूत दावेदार बनी हुई हैं।
टेनिस विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बार का फ्रेंच ओपन आने वाले वर्षों तक याद रखा जाएगा, क्योंकि यहां अनुभव, रिकॉर्ड और नई पीढ़ी के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है।
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