सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
गाजियाबाद, दिल्ली से सटे गाजियाबाद के व्यापारिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आयकर विभाग की टीमों ने शहर की मशहूर मिठाई की दुकान लोकनाथ स्वीट्स (Loknath Sweets) के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। के अनुसार, इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आ रहा है।
मुख्य बातें:
- छापेमारी का स्थान: गाजियाबाद का चोपला बाजार और मिठाई की दुकान के अन्य संबंधित परिसर।
- छापे का कारण: खबरों के मुताबिक, ‘पेट पूजा’ (Pet Pooja) नामक एक बिलिंग ऐप के जरिए असली टर्नओवर छिपाने और करोड़ों की टैक्स चोरी करने का आरोप है
- अधिकारियों की कार्रवाई: छापेमारी में आयकर विभाग के कई अधिकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। टीम ने दुकान के अंदर दस्तावेजों, कंप्यूटर रिकॉर्ड और नकदी की गहन जांच की।
बाजार में मचा हड़कंप
जैसे ही लोकनाथ स्वीट्स पर छापेमारी की खबर फैली, चोपला बाजार और आसपास के व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। आयकर विभाग की इस बड़ी कार्रवाई के कारण बाजार में काफी हलचल देखी गई। सूत्रों के मुताबिक, विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि दुकान के टर्नओवर और टैक्स रिटर्न में काफी बड़ा अंतर है।
डिजिटल सबूतों की जांच
जांच टीम का मुख्य फोकस दुकान के डिजिटल ट्रांजेक्शन और बिलिंग सॉफ्टवेयर पर है। आरोप है कि बिलिंग ऐप का इस्तेमाल करके बिक्री के आंकड़ों को कम दिखाया गया ताकि कम टैक्स भरना पड़े। आयकर विभाग अब जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल और रजिस्टरों की जांच कर रहा है ताकि चोरी की सटीक राशि का पता लगाया जा सके।
आगे क्या?
फिलहाल आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आने वाले कुछ घंटों तक जारी रह सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कुल कितनी बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
व्यापारियों में खौफ और प्रतिक्रिया
लोकनाथ स्वीट्स जैसी पुरानी और नामचीन दुकान पर हुई इस कार्रवाई ने गाजियाबाद के अन्य बड़े मिठाई विक्रेताओं और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार सूत्रों का कहना है कि विभाग की नजर अब उन अन्य दुकानों पर भी है जो बड़े पैमाने पर कैश में लेनदेन करती हैं।
- चोपला बाजार एसोसिएशन के कुछ स्थानीय व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह की अचानक कार्रवाई से व्यापार पर असर पड़ता है, हालांकि उन्होंने माना कि डिजिटल रिकॉर्ड्स और टैक्स पारदर्शिता अब अनिवार्य है।
- बाजार में चर्चा है कि यदि ‘पेट पूजा’ ऐप के जरिए गड़बड़ी साबित होती है, तो कई अन्य रेस्टोरेंट और आउटलेट भी जांच के घेरे में आ सकते हैं जो इसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आयकर विभाग का रुख (विभागीय सूत्र)
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक रूटीन जांच नहीं बल्कि एक ठोस इनपुट के आधार पर किया गया ‘सर्च ऑपरेशन’ है।
- डेटा रिकवरी: विभाग की आईटी विंग उन ‘डिलीट’ किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है, जो कथित तौर पर सेल्स छिपाने के लिए हटाए गए थे।
- जुर्माने की संभावना: यदि टैक्स चोरी की पुष्टि होती है, तो न केवल बकाया टैक्स बल्कि उस पर भारी जुर्माना और ब्याज भी वसूला जाएगा।
- अगला कदम: विभाग अब दुकान के सप्लायर्स और कच्चा माल सप्लाई करने वाली पार्टियों के खातों को भी खंगाल सकता है ताकि लेनदेन की पूरी कड़ी (Chain) को समझा जा सके।
“लोकनाथ स्वीट्स पर हुई इस छापेमारी ने शहर के बड़े कारोबारियों के बीच हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि विभाग की इस जांच की आंच किन अन्य ठिकानों तक पहुँचती है।”सावधान नेशन न्यूज।