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बुजुर्गों का सहारा बनेगी पुलिस, थानों में खुली ‘सीनियर सिटीजन हेल्प डेस्क’

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तरुण कश्यप

समाज में अकेले रह रहे बुजुर्गों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। मिशन शक्ति और साइबर सेल की तर्ज पर अब थानों में विशेष सीनियर सिटीजन हेल्प डेस्क (Senior Citizen Help Desk) स्थापित की गई है। इस डेस्क का मुख्य उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराना है जिनके बच्चे बाहर रहते हैं या जो किसी कारणवश घर में अकेले रहते हैं। 

इस पहल की मुख्य विशेषताएं:

  • नियमित संपर्क और संवाद: पुलिस बीट अधिकारी और हेल्प डेस्क की टीम पंजीकृत बुजुर्गों से फोन पर बात करेगी और समय-समय पर उनके घर जाकर उनकी कुशलक्षेम पूछेगी।
  • सवेरा योजना के तहत पंजीकरण: बुजुर्गों को ‘सवेरा योजना’ के अंतर्गत पंजीकृत किया जा रहा है। इसके लिए वे यूपी 112 पर कॉल कर सकते हैं या थाने में जाकर अपना विवरण दर्ज करा सकते हैं。
  • सुरक्षा और सत्यापन: अकेले रह रहे बुजुर्गों के घरों में काम करने वाले बाहरी कर्मचारियों (जैसे नौकर, ड्राइवर) का पुलिस सत्यापन भी इस डेस्क के माध्यम से प्राथमिकता पर किया जाएगा।
  • आपातकालीन सहायता: स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कोई सुरक्षा खतरा, एक कॉल पर पुलिस की पीआरवी (PRV) तत्काल मदद के लिए पहुंचेगी।
  • साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता: वर्तमान समय में बुजुर्गों को डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए भी विशेष जानकारी दी जाएगी। 

मदद के लिए जरूरी नंबर:सेवा का नाम हेल्पलाइन नंबर

पुलिस आपातकालीन सेवा112

एल्डरलाइन (Elderline)14567

वरिष्ठ नागरिक सहायता प्रकोष्ठ9454403882

पुलिस के इस मानवीय चेहरे की वरिष्ठ नागरिकों द्वारा काफी सराहना की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अब केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के लिए एक बेटे की तरह उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

गाज़ियाबाद पुलिस की इस पहल की मुख्य बातें:

  • ‘हेलो अंकल’ अभियान: पुलिस की टीमें पंजीकृत बुजुर्गों के घर जाकर ‘हेलो अंकल/आंटी’ कहकर उनका हालचाल जानेंगी, ताकि उन्हें अकेलापन महसूस न हो।
  • त्वरित पुलिस सहायता: सवेरा योजना में पंजीकृत बुजुर्ग जैसे ही 112 पर कॉल करेंगे, उनकी लोकेशन पहले से फीड होने के कारण पीआरवी (PRV) बिना समय गंवाए सीधे उनके घर पहुंचेगी।
  • बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी: इलाके के बीट अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो बार अपने क्षेत्र के बुजुर्गों से मुलाकात करेंगे और उनके रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे।
  • घरेलू सहायकों का सत्यापन: बुजुर्गों के घर काम करने वाले नौकरों, ड्राइवरों और किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अब यह डेस्क प्राथमिकता पर करेगी।
  • विवादों का समाधान: संपत्ति विवाद या पारिवारिक प्रताड़ना की स्थिति में सीनियर सिटीजन सेल त्वरित कानूनी और सामाजिक सहायता प्रदान करेगी。 

“पुलिस की यह मुहिम अकेलेपन से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। अगर आपके आसपास भी कोई बुजुर्ग अकेला रहता है, तो उन्हें इस ‘सवेरा योजना’ से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। देखते रहिए सावधान नेशन,

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