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सावधान नेशन न्यूज़

ग्रेटर नोएडा में PNB का 10.24 करोड़ रुपये का घोटाला, CBI ने महिला बैंककर्मी समेत दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

सावधान नेशन न्यूज़

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026

ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा से जुड़ा 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक की एक महिला कर्मचारी और एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बैंक खातों तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। शुरुआती जांच में यह गड़बड़ी करीब तीन साल तक चलने की आशंका जताई गई है।

कैसे हुआ 10.24 करोड़ रुपये का घोटाला?
यह मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से जुड़ा है। बैंक की आंतरिक जांच में आरोप सामने आया कि शाखा में तैनात ऑफिस असिस्टेंट दीपांशी ने कथित तौर पर बैंक के दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके ग्राहकों के खातों से अनधिकृत लेनदेन किए।
जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ ग्राहकों के खातों में मोबाइल ट्रांजैक्शन अलर्ट बंद कर दिए गए थे, ताकि पैसे निकलने की जानकारी उन्हें तुरंत न मिल सके। इसके अलावा कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट खातों में कथित तौर पर दूसरे लोगों को संयुक्त खाताधारक बनाया गया और समय से पहले FD तुड़वाकर रकम ट्रांसफर की गई।
बैंक की शिकायत के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 10.24 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं।

एक ग्राहक की पासबुक से खुला मामला
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब संगीता नाम की एक ग्राहक अपने पति और बेटी के साथ बैंक में पासबुक अपडेट कराने पहुंचीं। पासबुक में कुछ ऐसे लेनदेन दिखाई दिए, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
जब उन्होंने इन लेनदेन पर सवाल उठाए तो बैंक के स्तर पर जांच शुरू हुई। इसके बाद बैंक ने अपने रिकॉर्ड, सिस्टम लॉग और कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच की। इसी जांच के आधार पर कथित अनधिकृत लेनदेन का मामला सामने आया।

CBI ने किन दो लोगों को गिरफ्तार किया?
CBI ने 3 नवंबर 2026 को इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दीपांशी: पंजाब नेशनल बैंक की सेक्टर पाई-1 शाखा में ऑफिस असिस्टेंट/सब-स्टाफ के पद पर कार्यरत थीं।
आशुतोष कुमार पाठक: एक निजी व्यक्ति, जिसके बैंक खाते में कथित तौर पर ग्राहकों की रकम ट्रांसफर की गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। निजी आरोपी आशुतोष कुमार पाठक को पुणे से जुड़े मामले में गिरफ्तार करने के बाद CBI ने वहां की विशेष अदालत से ट्रांजिट रिमांड भी हासिल किया है।

तीन साल से चल रही थी कथित हेराफेरी
बैंक की शिकायत के अनुसार, जुलाई 2023 से अक्टूबर 2026 के बीच ग्राहकों के खातों में संदिग्ध लेनदेन किए जाने की आशंका है। CBI ने 29 अक्टूबर 2026 को बैंक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।
फिलहाल जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम किन-किन खातों में पहुंची, इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल थे तथा कितने ग्राहक प्रभावित हुए हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि अदालत में होनी बाकी है।

इस मामले में ग्राहकों के लिए क्या है सीख?
यह घटना बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्राहकों को समय-समय पर अपनी पासबुक और बैंक स्टेटमेंट चेक करते रहना चाहिए। किसी भी अनजान लेनदेन की जानकारी मिलने पर तुरंत बैंक को शिकायत देनी चाहिए और ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखने चाहिए।

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