सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपनी बहादुरी और समुद्री सुरक्षा में अपनी ताकत का परिचय दिया है। सोमालिया के तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में मौजूद ईरान की मछली पकड़ने वाली नाव ‘अज़िनी’ (Azini) को भारतीय नौसेना ने 48 घंटे से अधिक समय तक चले विशेष अभियान के बाद सुरक्षित छुड़ा लिया। इस कार्रवाई में नाव पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अभियान में किसी भी चालक दल के सदस्य की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है।
29 अक्टूबर को समुद्री लुटेरों ने किया था कब्जा
जानकारी के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास समुद्री लुटेरों के एक हथियारबंद समूह ने ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव अज़िनी को अपने कब्जे में ले लिया था। यह घटना सोमालिया के बंदर बेयला (Bandar Bayla) और हाफुन (Hafun) के बीच हुई थी।
इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। आशंका जताई जा रही थी कि लुटेरे इस नाव का इस्तेमाल बड़े व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए अपने ठिकाने यानी ‘मदर शिप’ के रूप में कर सकते हैं।
भारतीय नौसेना ने कैसे चलाया बचाव अभियान?
घटना की जानकारी मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने अपने मिशन पर तैनात एक युद्धपोत को बचाव अभियान के लिए भेजा। इसके साथ ही समुद्री निगरानी विमान की मदद से जहाज की लगातार निगरानी की गई।
नौसेना ने समुद्र और आसमान दोनों से नाव की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी स्थिति का पता लगाने के बाद उसे भागने से रोकने के लिए रणनीतिक कदम उठाए।
इस अभियान को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय वायुसेना के C-17 विमान से मरीन कमांडो को सटीक तरीके से हवाई मार्ग से उतारा गया। कमांडो ने नाव पर पहुंचकर कार्रवाई की, समुद्री लुटेरों के खतरे को नियंत्रित किया और सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
48 घंटे से ज्यादा चला अभियान
यह पूरा अभियान 48 घंटे से अधिक समय तक चला और इसकी सफलता में भारतीय नौसेना, मरीन कमांडो तथा भारतीय वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल की अहम भूमिका रही।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2 नवंबर को अभियान की सफलता पर भारतीय नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 3,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर चलाया गया यह अभियान भारतीय सेनाओं की तैयारी, क्षमता और समन्वय को दर्शाता है।
समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए अहम कार्रवाई
सोमालिया के आसपास का समुद्री क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। यहां समुद्री लुटेरों की गतिविधियां दोबारा चिंता का विषय बन रही हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना की यह कार्रवाई केवल 20 लोगों की जान बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और जरूरतमंद जहाजों की सहायता के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह तैयार है।
निष्कर्ष: भारतीय नौसेना का यह अभियान दिखाता है कि देश की सेनाएं जरूरत पड़ने पर अपनी सीमाओं से हजारों किलोमीटर दूर भी नागरिकों की जान बचाने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता रखती हैं।
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