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सावधान नेशन न्यूज़

भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में वाकई शानदार तेजी देखी गई है

सावधान नेशन न्यूज़
तरूण कश्यप

2 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद अमेरिकी टैरिफ में भारी कटौती का ऐलान किया गया।


यहाँ इस घटनाक्रम का मुख्य विवरण और शेयर बाजार पर इसके प्रभाव की जानकारी दी गई है:


व्यापार समझौते के मुख्य बिंदु
टैरिफ में बड़ी कटौती: अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले प्रभावी आयात शुल्क (टैरिफ) को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इस कटौती में रूसी तेल खरीद से जुड़ी अतिरिक्त 25% दंडात्मक ड्यूटी को हटाना भी शामिल है।


भारत की प्रतिबद्धता: इसके बदले में भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने, अमेरिका से अधिक ऊर्जा और तकनीक खरीदने (500 बिलियन डॉलर से अधिक) और अमेरिकी सामानों पर टैरिफ कम करने का भरोसा दिया है।


शेयर बाजार पर प्रभाव (Sensex & Nifty)
3 फरवरी 2026 को बाजार खुलते ही जबरदस्त उछाल (Gap-up opening) देखने को मिला:
सेंसेक्स (Sensex): कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 2300-2500 अंक तक उछलकर 84,000 के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। शुरुआती कारोबार में यह 3,600 अंकों से भी ज्यादा की छलांग लगाकर 85,323 के स्तर तक पहुंचा था।


निफ्टी (Nifty): निफ्टी 50 में भी 700-750 अंकों की भारी बढ़त देखी गई और यह 25,850 के स्तर को पार कर गया।
रुपया: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 1% से अधिक मजबूत होकर 90.26 के स्तर पर पहुंच गया।


इन सेक्टर्स और स्टॉक्स में रही सबसे ज्यादा तेजी
टैरिफ घटने से विशेष रूप से उन कंपनियों को फायदा हुआ है जिनका निर्यात (Export) अमेरिका में ज्यादा है:


IT सेक्टर: इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयरों में 3% से 7% तक की बढ़त देखी गई।
निर्यात आधारित स्टॉक्स: टेक्सटाइल (गोकलदास एक्सपोर्ट्स), फार्मा, ऑटोमोबाइल और केमिकल सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में जोरदार लिवाली हुई।
दिग्गज कंपनियां: Adani Enterprises (10% से ज्यादा की बढ़त), रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे।


वर्तमान स्थिति (6 फरवरी 2026): शानदार तेजी के बाद बाजार में अब हल्का मुनाफावसूली (Profit booking) का दौर है। आज सेंसेक्स 83,175 और निफ्टी 25,600 के आसपास कारोबार कर रहे हैं, क्योंकि निवेशक अब आरबीआई (RBI) की मॉनिटरी पॉलिसी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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