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कानपुर किडनी कांड: NCR से जुड़े गिरोह के तार, फरार डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

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तरुण कश्यप

कानपुर,
कानपुर के चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में पुलिस की जांच अब दिल्ली-NCR तक फैल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार चल रहे आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी करने की तैयारी पूरी कर ली गई है ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें। 

मुख्य बिंदु:

  • NCR और नेपाल कनेक्शन: पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, इस सिंडिकेट के तार कानपुर के अलावा दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, कोलकाता और नेपाल से भी जुड़े हैं।
  • अरेस्टिंग अपडेट: पुलिस अब तक 5 डॉक्टरों सहित 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें आईएमए (IMA) कानपुर की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा और उनके पति डॉ. सुरजीत भी शामिल हैं।
  • लुकआउट नोटिस: जांच में सामने आए कुछ बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialists) और मास्टरमाइंड के फरार होने की आशंका में पुलिस ने हवाई अड्डों और बॉर्डर पर अलर्ट जारी करते हुए लुकआउट नोटिस की प्रक्रिया शुरू की है।
  • धंधे का तरीका: गिरोह टेलीग्राम (Telegram) जैसे सोशल मीडिया एप्स के जरिए गरीब युवाओं को फंसाता था। बिहार के एक एमबीए छात्र की किडनी 10 लाख रुपये में खरीदने का वादा कर उसे आगे 60 से 90 लाख रुपये में बेचा गया। डोनर को 50,000 रुपये कम मिलने पर हुए विवाद ने इस पूरे काले कारोबार का पर्दाफाश कर दिया। 

अस्पतालों पर गिर सकती है गाज 

अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) डॉ. रमित रस्तोगी ने शहर के आहूजा हॉस्पिटलमेड लाइफ हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं। 

कानपुर किडनी कांड में डॉ. प्रीति आहूजा और उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा को इस अवैध सिंडिकेट के मुख्य चेहरों के रूप में देखा जा रहा है। 

डॉ. आहूजा दंपति के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

डॉ. प्रीति आहूजा (Dr. Preeti Ahuja) 

  • प्रोफेशनल प्रोफाइल: वह कानपुर की एक जानी-मानी चिकित्सक हैं और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), कानपुर शाखा की उपाध्यक्ष (Vice President) के पद पर कार्यरत थीं।
  • अन्य जिम्मेदारियाँ: वह कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन की सचिव और फिजिशियन फोरम की सदस्य भी रही हैं। शहर के मेडिकल और सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी।
  • भूमिका: पुलिस जांच के अनुसार, उन्हें इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के मास्टरमाइंड्स में से एक माना जा रहा है। आरोप है कि उनके अस्पताल में बिना किसी वैध दस्तावेजों और सरकारी अनुमति के रात के समय गुपचुप तरीके से ट्रांसप्लांट किए जाते थे। 

डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा (Dr. Surjit Singh Ahuja) 

  • परिचय: वह डॉ. प्रीति आहूजा के पति हैं और आहूजा अस्पताल (Ahuja Hospital) के संचालक हैं।
  • उम्र: उनकी आयु लगभग 54 वर्ष है।
  • गिरफ्तारी: उन्हें अपनी पत्नी और अन्य सहयोगी डॉक्टरों (डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह) के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

अस्पताल और कार्यप्रणाली (Ahuja Hospital)

  • अस्पताल की स्थिति: कानपुर के कल्याणपुर-रावतपुर इलाके में स्थित आहूजा अस्पताल इस गोरखधंधे का प्रमुख केंद्र था। पुलिस छापेमारी के बाद इस अस्पताल को खाली करा लिया गया है और इसका लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  • नेटवर्क: यह दंपति कथित तौर पर शिवम अग्रवाल (एंबुलेंस चालक जो खुद को डॉक्टर बताता था) और डॉ. अफजल जैसे दलालों के संपर्क में थे, जो टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए डोनर और रिसीवर का इंतजाम करते थे।
  • आरोप: जांच में पाया गया कि ये लोग किडनी डोनर को कम पैसे (करीब 9-10 लाख रुपये) देकर मरीजों से 60 से 90 लाख रुपये तक वसूलते थे। 

वर्तमान में, दोनों डॉक्टर न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों (जैसे नेपाल और अन्य खाड़ी देश) की जांच कर रही है। 

“कानपुर का यह किडनी कांड सफेदपोश चेहरों के पीछे छिपे काले सच की एक डरावनी बानगी है। लालच की इस अंधी दौड़ में अपनों को खोने से बचें और संदिग्ध विज्ञापनों से सावधान रहें। ऐसी ही हर बड़ी खबर की तह तक जाने के लिए देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज़

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