सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा रेलवे स्टेशन पर मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही आकाश सिंह (29) एक आरोपी को पकड़ने के प्रयास में चलती ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनके दोनों पैर कट गए।
घटना का विवरण:
- आरोपी की गिरफ्तारी: सिपाही आकाश सिंह ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर मारपीट और चोरी के आरोप में सुनील कुमार (35) को हिरासत में लिया था।
- भागने की कोशिश: पूछताछ के लिए ले जाते समय आरोपी अचानक पुलिस की पकड़ से छुड़ाकर प्लेटफॉर्म पर आ रही डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903) में चढ़ने लगा।
- जांबाज सिपाही का साहस: आकाश सिंह ने बिना वक्त गंवाए दौड़कर आरोपी को पीछे से पकड़ लिया और उसे ट्रेन से नीचे खींच लिया। लेकिन इस जद्दोजहद में आकाश का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में गिर गए।
- हादसे की भयावहता: ट्रेन के पहियों की चपेट में आने से सिपाही के दोनों पैर कट गए। खबरों के अनुसार, एक पैर पूरी तरह अलग हो गया, जबकि दूसरा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त है।
वर्तमान स्थिति:
- इलाज: घायल सिपाही को पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ के केजीएमयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
- सहायता: सिपाही की बहादुरी को देखते हुए यूपी पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने परिवार को 1 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता भेजी है। इसके अलावा, जीआरपी कर्मियों ने भी अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा मदद के रूप में देने का निर्णय लिया है।
- आरोपी की स्थिति: हादसे में आरोपी सुनील कुमार भी घायल हुआ है, जिसे पुलिस हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आकाश सिंह 2018 बैच के सिपाही हैं और मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले हैं। पूरा विभाग और प्रदेश उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
सहायता और 1 दिन का वेतन
जीआरपी प्रशासन और उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिपाही की आर्थिक मदद के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
- 710+ जीआरपी कर्मियों का योगदान: जीआरपी गोरखपुर अनुभाग (जिसके अंतर्गत गोंडा आता है) के पुलिस अधीक्षक (SP) लक्ष्मी निवास मिश्र ने घोषणा की है कि इस अनुभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने एक दिन का वेतन घायल सिपाही के इलाज और सहायता के लिए देंगे। इसमें सिपाही से लेकर उच्चाधिकारी तक शामिल हैं।
- 10 लाख रुपये का मुआवजा: जीआरपी एसपी ने घायल सिपाही के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी ऐलान किया है।
- तत्काल आर्थिक सहायता: यूपी के डीजीपी (DGP) ने सिपाही के साहस को देखते हुए 1 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक मदद मंजूर की है ताकि शुरुआती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
वर्तमान स्थिति
- डॉक्टरों के अनुसार, सिपाही की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं, हालांकि उनके पैरों को बचाया नहीं जा सका।
- आरोपी सुनील कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर पुलिस हिरासत से भागने व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
“अपराधी को पकड़ने के जुनून ने एक वर्दी वाले के दोनों पैर छीन लिए, लेकिन उसका हौसला आज भी सलामत है। 710 जीआरपी कर्मियों का यह एकजुट कदम बताता है कि खाकी अपने सिपाही के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अपराधियों को सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि कानून की रक्षा के लिए ये जांबाज अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हटते। देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज।”