सावधान नेशन न्यूज़

“भारत अब नक्सलमुक्त”: बस्तर से अमित शाह का बड़ा दावा, विकास और सुरक्षा पर दिया जोर

सावधान नेशन न्यूज़

छत्तीसगढ़, 28 मई 2026

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत अब “नक्सलमुक्त” हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि दशकों से देश के कई हिस्सों में फैली नक्सली हिंसा अब लगभग समाप्त हो गई है और सरकार की रणनीति ने इस समस्या पर निर्णायक नियंत्रण हासिल कर लिया है।

बस्तर, जो कभी नक्सलवाद का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था, वहीं से अमित शाह ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, राज्य सरकारों के सहयोग और केंद्र की सख्त नीति के कारण नक्सल संगठन कमजोर पड़ चुके हैं। गृह मंत्री के अनुसार, कई बड़े नक्सली नेता या तो मारे गए, गिरफ्तार हुए या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने केवल सैन्य कार्रवाई पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि विकास योजनाओं को भी तेजी से लागू किया। सड़क, मोबाइल नेटवर्क, बैंकिंग सुविधा, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं को उन इलाकों तक पहुंचाया गया जहां पहले नक्सलियों का प्रभाव था। उनका कहना था कि विकास और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलने की नीति ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों ने करीब 50 वर्षों तक हिंसा और डर का माहौल देखा। अब सरकार इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने पर काम कर रही है। गृह मंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की कि आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों को समाज में दोबारा स्वीकार करें ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पहले देश के 100 से अधिक जिले नक्सल प्रभाव से प्रभावित माने जाते थे, लेकिन अब यह संख्या काफी कम हो चुकी है। केंद्र सरकार का दावा है कि नक्सली हिंसा की घटनाओं और सुरक्षा बलों पर हमलों में पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी गिरावट आई है।

हालांकि, इस दावे पर राजनीतिक बहस भी जारी है। कुछ विपक्षी दल और सामाजिक कार्यकर्ता मानते हैं कि केवल सुरक्षा अभियान से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती। उनका कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, जमीन और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करना जरूरी है। वहीं सरकार का पक्ष है कि अब हिंसा की जगह विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सलवाद के कमजोर होने के पीछे सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान, तकनीक का बढ़ता उपयोग और स्थानीय लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण कारण रहे हैं। कई इलाकों में नए सुरक्षा कैंप बनाए गए हैं और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। इससे नक्सल संगठनों की पकड़ कमजोर हुई है।

गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अब सीमावर्ती और आदिवासी इलाकों में विकास को और तेज करेगी। उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले डर और हिंसा का माहौल था, वहां अब निवेश, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। उन्होंने सुरक्षा बलों के बलिदान को भी याद किया और कहा कि हजारों जवानों की कुर्बानी के बाद यह बदलाव संभव हो पाया है।

फिलहाल सरकार “नक्सलमुक्त भारत” को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि क्या देश के सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास वास्तव में स्थापित हो पाता है या नहीं।

सावधान नेशन न्यूज़…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *