NH-319 के किनारे मिला महिला का कटा हुआ शरीर, इलाके में दहशत का माहौल
रोहतास (बिहार): बिहार के रोहतास जिले से आज एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-319 (NH-319) के किनारे एक अज्ञात महिला के शरीर का कटा हुआ हिस्सा बरामद हुआ है। यह घटना गऊरा गांव के पास की है, जहां आज सुबह इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, मंगलवार (21 अप्रैल 2026) की सुबह जब गऊरा गांव के कुछ ग्रामीण एनएच-319 की ओर टहलने निकले थे, तो उन्हें सड़क के किनारे झाड़ियों के पास एक संदिग्ध पोटली जैसा कुछ दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह किसी इंसान के शरीर का हिस्सा है। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बरामद किया गया शरीर का हिस्सा महिला का है, जो कमर से लेकर घुटनों तक का है। शरीर के बाकी हिस्से—यानी कमर से ऊपर का धड़, सिर और घुटनों से नीचे का भाग—मौके पर मौजूद नहीं थे।
इलाके में हड़कंप और दहशत
जैसे ही यह खबर जंगल की आग की तरह फैली, पूरे दिनारा प्रखंड और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि इतनी बेरहमी से हत्या कर शव के टुकड़े करना किसी पेशेवर अपराधी या विक्षिप्त मानसिकता वाले व्यक्ति का काम हो सकता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस तरह की क्रूरता नहीं देखी थी। सड़क किनारे इस तरह अंग मिलने से राहगीरों में भी डर व्याप्त है।
पुलिस की जांच
घटना की सूचना मिलते ही दिनारा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। बरामद किए गए अंग को पुलिस ने अपनी कस्टडी में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि हत्या कहीं और की गई है और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव के टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर फेंका जा रहा है। नेशनल हाईवे होने के कारण अपराधियों के लिए शव फेंककर फरार होना आसान रहा होगा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या शरीर के बाकी हिस्से भी आसपास के क्षेत्र में फेंके गए हैं।
पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सासाराम सदर अस्पताल में महिला के कटे हुए अंग का पोस्टमार्टम करने के लिए चार डॉक्टरों की एक विशेष टीम (मेडिकल बोर्ड) का गठन किया गया है।
पुलिस ने मेडिकल टीम से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि वे दुष्कर्म (रेप) के एंगल से भी जांच करें। आशंका जताई जा रही है कि महिला के साथ यौन उत्पीड़न के बाद उसकी पहचान छिपाने के लिए उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और शव को क्षत-विक्षत कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम (FSL) की भी मदद ली जा रही है ताकि घटनास्थल से मिले किसी भी डीएनए सैंपल या फिंगरप्रिंट के जरिए हत्यारों तक पहुंचा जा सके।
पहचान का संकट और लापता लोगों की तलाश
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना है। चूंकि केवल कमर से घुटनों तक का हिस्सा मिला है, इसलिए चेहरा न होने के कारण शिनाख्त करना लगभग नामुमकिन है। पुलिस अब निम्नलिखित पहलुओं पर काम कर रही है:
1. सीसीटीवी फुटेज: हाईवे पर लगे विभिन्न टोल प्लाजा और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि रात के समय संदिग्ध वाहनों की आवाजाही का पता लगाया जा सके।
2. लापता रिपोर्ट: रोहतास और पड़ोसी जिलों (बक्सर, कैमूर, भोजपुर) के थानों से पिछले 48 घंटों में दर्ज हुई महिलाओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट मांगी गई है।
3. स्थानीय पूछताछ: पुलिस गऊरा और आसपास के गांवों के चौकीदारों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है कि क्या उन्होंने हाल ही में किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को वहां देखा था।
कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
इस घटना ने स्थानीय पुलिस की गश्त और नेशनल हाईवे की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग कम होने के कारण अपराधी इस तरह की वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पूरा रोहतास जिला इस घटना से स्तब्ध है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी होने पर तुरंत सूचित करने की अपील की है। आने वाले 24 घंटों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी जांच के बाद इस मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
——————————
Savdhaan Nation News