सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाएं अब न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि सरकारी चुनौतियों का समाधान भी कर रही हैं। जिले की दो विद्युत सखियों ने पिछले एक साल में रिकॉर्ड बिजली बिल जमा कर 18 लाख रुपये का कमीशन अर्जित किया है।

कौन हैं ये लखपति दीदियां?
जिले में बिल वसूली की बड़ी चुनौती को हल करते हुए इन दो महिलाओं ने अपनी मेहनत से नया मुकाम हासिल किया है:
- अनीता: हसनपुर लुहारी की रहने वाली अनीता ने एक साल में लगभग 9 करोड़ रुपये का बिजली बिल जमा कराया।
- राशिदा: थानाभवन की निवासी राशिदा ने भी पिछले एक साल में करीब 9 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिल वसूली की।
इन दोनों महिलाओं ने अपनी इस सेवा के बदले 9-9 लाख रुपये (कुल 18 लाख रुपये) बतौर कमीशन प्राप्त किए हैं।
योजना का उद्देश्य और प्रभाव
ऊर्जा निगम और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) ने मिलकर यह पहल इसलिए शुरू की थी क्योंकि बिजली विभाग के पास ग्रामीण क्षेत्रों में बिल वसूली के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
- स्वरोजगार: यह योजना महिलाओं को घर के पास ही सम्मानजनक आय का अवसर दे रही है।
- राजस्व में वृद्धि: विद्युत सखियों की सक्रियता से विभाग के बकाये की वसूली तेज हुई है।
- उपभोक्ताओं को सुविधा: अब ग्रामीणों को बिल जमा करने के लिए दूर दराज के बिजलीघरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
क्या कहती हैं सफल विद्युत सखियां?
अनीता और राशिदा का कहना है कि उन्होंने इस कार्य को एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया था। आज वे अन्य महिलाओं से भी अपील कर रही हैं कि वे स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर और विद्युत सखी बनकर आत्मनिर्भर बनें।
एनआरएलएम मैनेजर पंकज कुमार के अनुसार, जिले की कई अन्य महिलाएं भी हर महीने 8 से 10 लाख रुपये तक का बिल जमा करा रही हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आया है।
“शामली की इन दो बेटियों ने साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो और इरादे नेक, तो महिलाएं न सिर्फ अपना घर चला सकती हैं, बल्कि व्यवस्था को भी नई दिशा दे सकती हैं। इन आत्मनिर्भर महिलाओं के जज्बे को सलाम करता है।
सावधान नेशन न्यूज़, शामली।”














