सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 28 जून 2026
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में अपने देश की वर्तमान स्थिति, अपनी राजनीतिक भूमिका, भारत में रहने के अनुभव और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई अहम बातें कहीं। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।
शेख हसीना ने कहा कि उनका बांग्लादेश से रिश्ता बहुत गहरा है और वह अपने देश लौटने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने दावा किया कि वह इस साल बांग्लादेश वापस जाएंगी। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है कि उनकी वापसी किस तरह और किन परिस्थितियों में होगी।
देश वापसी को लेकर जताया भरोसा
इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन और संघर्ष बांग्लादेश की जनता से जुड़ा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि वह लंबे समय तक देश से दूर नहीं रहना चाहतीं और अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर अभी भी सक्रिय हैं।
उन्होंने अपनी पार्टी Awami League को लेकर भी कहा कि यह केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि देश के इतिहास से जुड़ी हुई ताकत है। उनके अनुसार पार्टी की भूमिका खत्म नहीं हुई है और आने वाले समय में भी वह जनता के बीच मौजूद रहेगी।
अंतरिम सरकार और देश की स्थिति पर सवाल
शेख हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हटने के बाद देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर हुई है और कई जगहों पर अस्थिरता बढ़ी है।
उन्होंने Muhammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की नीतियों की आलोचना की। उनका कहना था कि सरकार को देश में शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
हालांकि, अंतरिम सरकार और उसके समर्थकों का पक्ष अलग रहा है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में नई व्यवस्था देश को स्थिर करने और सुधारों की दिशा में काम कर रही है।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता
इंटरव्यू का एक बड़ा मुद्दा बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा रहा। शेख हसीना ने कहा कि किसी भी समुदाय के लोगों पर हमला देश की मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की स्थापना समानता और सभी नागरिकों के अधिकारों के आधार पर हुई थी। इसलिए किसी भी तरह की हिंसा या भेदभाव को रोकना जरूरी है।
इस मुद्दे पर कई लोगों ने भी चिंता जताई है। मानवाधिकार संगठनों और कुछ सामाजिक समूहों ने समय-समय पर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।
भारत के लिए क्या कहा?
शेख हसीना ने भारत के साथ संबंधों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने भारत में रहने के दौरान मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते लंबे समय से व्यापार, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े रहे हैं। शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच कई समझौते और सहयोग आगे बढ़े थे।
2024 में सत्ता छोड़ने के अनुभव पर बात
शेख हसीना ने अपने सत्ता से हटने और बांग्लादेश छोड़ने के अनुभव को भावनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अपने देश से दूर होना उनके लिए आसान नहीं था।
2024 में बांग्लादेश में बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के बाद उनकी सरकार सत्ता से बाहर हुई थी और इसके बाद अंतरिम व्यवस्था बनी। इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश की राजनीति को बदल दिया।
लोगों की प्रतिक्रिया क्या रही?
शेख हसीना के बयान पर लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग देखने को मिलीं।
उनके समर्थकों ने कहा कि शेख हसीना ने बांग्लादेश के विकास में बड़ी भूमिका निभाई और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है।
उनके आलोचकों का कहना है कि देश में बदलाव की मांग जनता के बड़े हिस्से से आई थी और नई राजनीतिक व्यवस्था को मौका मिलना चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उनके “वापसी” वाले बयान पर अलग-अलग राय रखी। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक संकेत बताया, जबकि कुछ ने इसे आने वाले समय की बड़ी घटना बताया।
आगे क्या होगा?
शेख हसीना की वापसी, उनकी पार्टी की भूमिका और बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा आने वाले समय में बड़े मुद्दे बने रहेंगे। फिलहाल इतना साफ है कि बांग्लादेश की राजनीति में उनका नाम अभी भी सबसे प्रभावशाली नामों में शामिल है।
उनके इस इंटरव्यू ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बांग्लादेश में आने वाले महीनों में सत्ता, लोकतंत्र और राजनीतिक संतुलन किस दिशा में जाएगा।
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