Skip to main content

सावधान नेशन न्यूज़

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा तय!

सावधान नेशन न्यूज
तरुण कश्यप

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आए दान और चढ़ावे में बड़ी हेराफेरी के आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा भूचाल आ गया है। इस पूरे प्रकरण में पहले दिन से विवादों के घेरे में आए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा पूरी तरह तय हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के शीर्ष नेताओं के भारी दबाव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद, दोनों पदाधिकारियों ने नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।

क्यों उठाना पड़ा यह बड़ा कदम?

इस बड़े फेरबदल की पटकथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद लिखी गई।

  1. SIT की रिपोर्ट में गंभीर खुलासे: शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे के प्रबंधन और बैंक खातों के संचालन में भारी वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
  2. चंपत राय के करीबियों पर FIR: इस मामले में कुल 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें चंपत राय का पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसका भतीजा मनीष यादव शामिल हैं। अपने बेहद करीबियों का नाम आने के बाद चंपत राय पर लगातार गाज गिर रही थी।
  3. जांच की निष्पक्षता बनाए रखना: ट्रस्ट के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि यदि सीनियर पदाधिकारी पदों पर बने रहते हैं, तो जांच की निष्पक्षता और राम मंदिर जैसी पवित्र संस्था की साख पर सवाल उठ सकते हैं।

विपक्ष के निशाने पर था ट्रस्ट

राम मंदिर में कागभुशुंडि की प्रतिमा और भक्तों द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जमकर हंगामा मचा हुआ था। विपक्षी दलों (सपा और कांग्रेस) ने आरोप लगाया था कि एफआईआर में केवल जूनियर कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है और ट्रस्ट के बड़े चेहरों को बचाया जा रहा है। चौतरफा घिरने के बाद संगठन (VHP/RSS) के निर्देश पर डैमेज कंट्रोल के लिए दोनों वरिष्ठ पदाधिकारियों को पद छोड़ना पड़ा।

आगे क्या होगा?

दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद अब ट्रस्ट की स्वायत्त बैठक में इस पर अंतिम विचार किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT अब इस घोटाले की और गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने और आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

“चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का जाना इस बात का संकेत है कि अब इस मामले की आंच बहुत ऊपर तक पहुंच चुकी है। एसआईटी की जांच में आगे और कौन से बड़े नाम सामने आते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। इस मामले से जुड़ी हर पल की बड़ी अपडेट के लिए पढ़ते रहिए और फॉलो करते रहिए ‘सावधान नेशन न्यूज’।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *