मुंबई | 28 April 2026
मायानगरी के पायधुनी इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरी मुंबई को झकझोर कर रख दिया है। ओल्ड मुगल बिल्डिंग की पहली मंजिल पर रहने वाला एक हंसता-खेलता परिवार महज कुछ ही घंटों के भीतर काल के गाल में समा गया। माता-पिता और दो मासूम बेटियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने न केवल पुलिस प्रशासन को बल्कि चिकित्सा जगत को भी हैरान कर दिया है। 25 अप्रैल की रात को डिनर के बाद खाया गया ‘तरबूज’ अब जांच के केंद्र में है।
क्या है पूरी घटना?
पायधुनी की ओल्ड मुगल बिल्डिंग में अब्दुल्लाह डोकाडिया (40) अपनी पत्नी नसरीन (35) और दो बेटियों (उम्र 16 और 13 साल) के साथ रहते थे। जानकारी के मुताबिक, 25 अप्रैल की रात इस परिवार के घर पर कुछ रिश्तेदार आए हुए थे। सभी ने साथ मिलकर खुशी-खुशी डिनर किया। रिश्तेदारों के जाने के बाद, करीब रात के 1:30 बजे परिवार ने एक तरबूज काटकर खाया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह फल उनकी आखिरी खुराक साबित होगा।
अगली सुबह का सूरज इस परिवार के लिए तबाही लेकर आया। तड़के सुबह से ही चारों सदस्यों को अचानक तेज उल्टियां और डायरिया (दस्त) की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि वे मदद के लिए चिल्लाने की स्थिति में भी नहीं थे।
पड़ोसी डॉक्टर की आपबीती
इसी बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर रहने वाले डॉ. ज़ैद कुरैशी उस समय देवदूत बनकर नीचे पहुँचे जब पड़ोसियों ने शोर सुना। डॉ. कुरैशी ने घटना की भयावहता बताते हुए कहा, जब मैं उनके कमरे में दाखिल हुआ, तो चारों की हालत अत्यंत गंभीर थी। शरीर में पानी की भारी कमी दिख रही थी। सबसे छोटी बेटी को सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। मैंने मौके पर ही उसे सीपीआर दिया, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मैं उसे तुरंत पास के अस्पताल ले गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
बाकी तीन सदस्यों—अब्दुल्लाह, उनकी पत्नी और बड़ी बेटी को तुरंत जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन एक-एक करके तीनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महज कुछ ही घंटों के भीतर पूरा घर वीरान हो गया।
जांच के घेरे में ‘तरबूज’ और ‘डिनर’
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। शुरुआती संदेह फूड प्वाइजनिंग पर जताया जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या तरबूज में कोई जहरीला रसायन था या रात के खाने में कुछ ऐसा था जो जानलेवा साबित हुआ?
पुलिस की कार्रवाई
1. सैंपल कलेक्शन: पुलिस ने किचन से रात के बचे हुए खाने और तरबूज के नमूनों को जब्त कर लिया है। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
2.ऑटोप्सी: चारों शवों का पोस्टमार्टम मुंबई के जेजे अस्पताल में किया गया है। विसरा के नमूनों को सुरक्षित रख लिया गया है ताकि यह पता चल सके कि शरीर के भीतर कौन सा जहर या बैक्टीरिया फैला था।
3.रिश्तेदारों से पूछताछ: पुलिस उन रिश्तेदारों से भी संपर्क कर रही है जिन्होंने उस रात परिवार के साथ डिनर किया था, ताकि यह जाना जा सके कि क्या उन्हें भी किसी तरह की बेचैनी महसूस हुई थी।
डिप्टी पुलिस कमिश्नर प्रवीन मुंडे ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, हमने जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
राजनीतिक गलियारों में हलचल और जनता की चिंता
इस घटना ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पूर्व विधायक और एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने इस मामले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि इस घटना की जांच उच्च स्तर पर होनी चाहिए।
वारिस पठान ने कहा, यह अत्यंत दुखद है कि एक पूरा परिवार इस तरह खत्म हो गया। लोग मुझसे फोन कर पूछ रहे हैं कि क्या अब फल खाना भी असुरक्षित है? सरकार और पुलिस कमिश्नर को इस मामले की सच्चाई जल्द से जल्द सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि जनता के बीच फैला डर कम हो सके और लोग सावधानी बरत सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
हालांकि इस मामले में रिपोर्ट आनी बाकी है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के मौसम में फलों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आजकल फलों को जल्दी पकाने या उन्हें लाल दिखाने के लिए नाइट्रेट्स, कार्बाइड या एरिथ्रोसिन जैसे रसायनों का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकते हैं। इसके अलावा, अगर तरबूज को काटकर काफी देर तक बाहर छोड़ दिया जाए, तो उसमें ‘साल्मोनेला’ जैसे बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जो गंभीर फूड प्वाइजनिंग का कारण बनते हैं
क्या यह सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश या खाद्य मिलावट का बड़ा नेटवर्क है? यह तो पुलिस और डॉक्टरों की अंतिम रिपोर्ट ही बताएगी। फिलहाल, पायधुनी की वह ‘ओल्ड मुगल बिल्डिंग’ सन्नाटे में है, और वहाँ रहने वाले लोग डरे हुए हैं। एक मामूली सी लगने वाली रात, एक साधारण सा दिखने वाला फल और एक हंसता-खेलता परिवार—सब कुछ अब केवल पुलिस फाइलों और यादों में सिमट कर रह गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने तक धैर्य बनाए रखें।
Savdhaan Nation News