सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 9 जून 2026
चेन्नई, 8 जून 2026। भारत के युवा शतरंज ग्रैंडमास्टर R Praggnanandhaa की ऐतिहासिक उपलब्धि पर तमिलनाडु सरकार ने उन्हें विशेष सम्मान दिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने राज्य सचिवालय में प्रज्ञानानंद से मुलाकात की और उन्हें नॉर्वे चेस 2026 जीतने पर 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। यह सम्मान केवल एक खिलाड़ी की उपलब्धि का उत्सव नहीं था, बल्कि भारतीय शतरंज के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का भी प्रतीक बना।
प्रज्ञानानंद ने हाल ही में प्रतिष्ठित Norway Chess 2026 टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया। वे इस प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। उनकी इस उपलब्धि ने देशभर में शतरंज प्रेमियों को गौरवान्वित किया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री विजय और प्रज्ञानानंद की मुलाकात केवल औपचारिक सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम के दौरान दोनों ने शतरंज की एक मैत्रीपूर्ण बाजी भी खेली। उपस्थित अधिकारियों और परिवारजनों के बीच खेला गया यह मुकाबला चर्चा का विषय बन गया। प्रज्ञानानंद ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके साथ शतरंज खेलेंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 15 मिनट तक चली इस बाजी में मुख्यमंत्री ने खेल के प्रति अच्छी समझ दिखाई।
राज्य सरकार की ओर से दी गई 50 लाख रुपये की राशि तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण (SDAT) के माध्यम से प्रदान की गई। सरकार का कहना है कि राज्य लंबे समय से खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, पुरस्कार और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। प्रज्ञानानंद को दिया गया यह सम्मान भी उसी नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है।
महज 20 वर्ष की उम्र में प्रज्ञानानंद ने विश्व शतरंज में अपनी अलग पहचान बना ली है। नॉर्वे चेस 2026 के दौरान उन्होंने कई दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी। प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा और उन्होंने शानदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस जीत को उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में शतरंज के बढ़ते स्तर के पीछे पूर्व विश्व चैंपियन Viswanathan Anand की प्रेरणा और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की मेहनत का बड़ा योगदान है। आज भारत विश्व शतरंज में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है और प्रज्ञानानंद, डी. गुकेश तथा अन्य युवा खिलाड़ी इस बदलाव के प्रमुख चेहरे बन चुके हैं।
तमिलनाडु लंबे समय से भारतीय शतरंज का प्रमुख केंद्र माना जाता है। विश्वनाथन आनंद से लेकर प्रज्ञानानंद और वैशाली जैसे कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इसी राज्य से निकले हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि राज्य की शतरंज परंपरा और खेल संस्कृति का भी सम्मान माना जा रहा है।
राजनीतिक और खेल जगत के कई लोगों ने इस अवसर की सराहना की है। सोशल मीडिया पर भी मुख्यमंत्री विजय और प्रज्ञानानंद की शतरंज बाजी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए। लोगों ने इसे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की सकारात्मक पहल बताया।
नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीतकर प्रज्ञानानंद ने न केवल अपने नाम एक नई उपलब्धि दर्ज की है, बल्कि भारतीय शतरंज को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा दिया गया सम्मान इस बात का संकेत है कि देश में खेल प्रतिभाओं को अब पहले से अधिक पहचान और समर्थन मिल रहा है। आने वाले वर्षों में प्रज्ञानानंद से और भी बड़ी सफलताओं की उम्मीद की जा रही है, और भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें अब उनके अगले अंतरराष्ट्रीय अभियानों पर टिकी हैं।
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