सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 25 जून 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। यह प्रदर्शन कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
प्रदर्शन की शुरुआत से ही CJP ने आरोप लगाया कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद, पेपर लीक और छात्रों की परेशानियों पर सरकार को कड़ी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
5वें दिन भी जंतर-मंतर पर डटे रहे प्रदर्शनकारी
रिपोर्ट्स के अनुसार CJP कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान नारेबाजी, भाषण और अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहले भी कहा था कि यह आंदोलन केवल एक परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।
DU के प्रोफेसरों ने दिया समर्थन
इस प्रदर्शन को अब दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कुछ प्रोफेसरों का भी समर्थन मिला है। प्रोफेसरों के समर्थन से आंदोलन को एक नया बल मिला है क्योंकि इसमें अब केवल छात्र ही नहीं बल्कि शिक्षा जगत से जुड़े लोग भी अपनी आवाज जोड़ रहे हैं।
समर्थन करने वाले शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना जरूरी है। अगर परीक्षाओं की प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है।
CJP की मुख्य मांगें क्या हैं?
CJP और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए
पेपर लीक या परीक्षा रद्द होने की स्थिति में छात्रों के लिए स्पष्ट नीति बने
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो
छात्रों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए
शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जाएं
प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी है कि ऐसी व्यवस्था बने जिससे भविष्य में छात्रों को बार-बार परीक्षा विवादों का सामना न करना पड़े।
सरकार की ओर से क्या स्थिति है?
फिलहाल प्रदर्शनकारियों की मांगों पर सरकार की ओर से कोई ऐसा फैसला सामने नहीं आया है जिससे आंदोलन खत्म हो। वहीं प्रशासन की तरफ से जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।
छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर असर
भारत में हर साल लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परीक्षा से जुड़े विवाद होने पर छात्रों का समय, पैसा और मानसिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे आंदोलनों के जरिए छात्र संगठन और शिक्षक यह मांग उठाते रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाए।
CJP का यह प्रदर्शन अब केवल एक संगठन का आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों और छात्रों की चिंताओं पर बड़ी बहस का रूप लेता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई बातचीत होती है या आंदोलन आगे और बढ़ता है।
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