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मुर्दों के नाम पर जमीन की खरीद-फरोख्त; अल फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी पर ईडी का शिकंजा 

फरीदाबाद ! दिल्ली
तरुण कश्यप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फरीदाबाद स्थित अल फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली में ₹45 करोड़ की जमीन की धोखाधड़ी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के एक नए मामले में गिरफ्तार किया है। सिद्दीकी को तिहाड़ जेल से हिरासत में लिया गया, जहाँ वह पहले से ही छात्रों के साथ धोखाधड़ी और अवैध फंडिंग के आरोप में बंद था। 

मुख्य खुलासे:

  • फर्जी GPA का खेल: जांच में सामने आया कि सिद्दीकी ने दिल्ली के मदनपुर खादर (खसरा नंबर 792) में जमीन हड़पने के लिए मृत व्यक्तियों के नाम पर जाली ‘जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी’ (GPA) तैयार करवाई थी।
  • मृतकों के हस्ताक्षर: चौंकाने वाली बात यह है कि जिन भू-स्वामियों के अंगूठे के निशान और दस्तखत दस्तावेजों पर दिखाए गए, उनकी मृत्यु 1972 से 1998 के बीच हो चुकी थी। इसके बावजूद, साल 2004 की तारीख वाली फर्जी GPA के आधार पर यह जमीन तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन (सिद्दीकी का ट्रस्ट) के नाम कर दी गई।
  • कीमत में भारी अंतर: ईडी के अनुसार, इस जमीन की वास्तविक बाजार कीमत करीब ₹45 करोड़ है, लेकिन कागजों पर इसे केवल ₹75 लाख का सौदा दिखाया गया था।
  • मनी लॉन्ड्रिंग का जाल: जांच एजेंसी का कहना है कि यह पूरा सौदा मनी लॉन्ड्रिंग के उद्देश्य से किया गया था। दिल्ली पुलिस की पूर्व एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस नए मामले में कार्रवाई की है। 

विवादों का पुराना नाता:

अल फलाह यूनिवर्सिटी पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रही है। नवंबर 2025 में लाल किला इलाके में हुए धमाके की जांच के दौरान इस संस्थान और सिद्दीकी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध गतिविधियों के सबूत मिले थे। हाल ही में भारतीय विश्वविद्यालयों के संगठन (AIU) ने भी अल फलाह यूनिवर्सिटी की सदस्यता रद्द कर दी है। 

वर्तमान में, अदालत ने जवाद सिद्दीकी को पूछताछ के लिए 4 अप्रैल 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

ईडी (ED) की कार्रवाई और खुलासे

  • नई गिरफ्तारी: जवाद सिद्दीकी को PMLA के तहत ₹45 करोड़ के इस नए भूमि घोटाले में 24 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया।
  • संपत्ति की कुर्की: इससे पहले जनवरी 2026 में, ईडी ने फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की 54 एकड़ जमीन और इमारतों को कुर्क किया था, जिनकी कीमत लगभग ₹139.97 करोड़ है।
  • अपराध की कमाई (POC): ईडी ने इस पूरे मामले में ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (POC) का कुल मूल्य ₹493.24 करोड़ आंका है।
  • फंड की हेराफेरी: जांच में यह भी पाया गया कि छात्रों से ली गई फीस और ट्रस्ट के फंड को परिवार के सदस्यों और शेल कंपनियों में डायवर्ट किया गया था। 

अन्य गंभीर आरोप

  • आतंकी लिंक की जांच: अल फलाह विश्वविद्यालय तब चर्चा में आया जब दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच के तार यहाँ से जुड़े पाए गए थे।
  • यूजीसी की शिकायत: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी जवाद अहमद को यूजीसी की शिकायत पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार 

सच्चाई पर प्रहार: “जमीन के इस ‘गंदे खेल’ में मुर्दों को भी नहीं बख्शा गया, लेकिन कानून की नज़र से बचना मुमकिन नहीं। देखते रहिए, जब ईडी का शिकंजा कसता है, तो बड़े-बड़ों के नकाब उतर जाते हैं।” सावधान नेशन न्यूज

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