नई दिल्ली, 27 मार्च 2026
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक अहम बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई, जिसमें पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे संकट के भारत पर संभावित असर की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में केंद्र और राज्यों को “टीम इंडिया” की भावना के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे कोविड-19 के दौरान देश ने मिलकर संकट का सामना किया था, वैसे ही इस बार भी सभी मिलकर हालात को संभाल लेंगे।
⚡ संकट क्या है और क्यों हुई बैठक?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए यह बैठक बुलाई गई। इस संकट से भारत में तेल, गैस, सप्लाई चेन और महंगाई पर असर पड़ सकता है।
🧩 “Team India” पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि
केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और संवाद जरूरी है
हर स्तर पर तेजी से निर्णय लेने की व्यवस्था होनी चाहिए
जनता में घबराहट न फैले, इसके लिए सही जानकारी देना जरूरी है
उन्होंने कहा कि “Team India” की यही ताकत देश को हर संकट से निकाल सकती है।
⛽ सप्लाई और महंगाई पर बड़ा फोकस
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा इन मुद्दों पर हुई
पेट्रोल, डीजल और LPG की उपलब्धता
जरूरी वस्तुओं की सप्लाई
महंगाई को नियंत्रित रखना
सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना
प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि
👉 जमाखोरी (hoarding) और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करें
👉 जरूरी सामान की सप्लाई बाधित न होने दें
🚨 राज्यों को दिए गए निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों को कई अहम निर्देश दिए
हर राज्य में control room और monitoring system सक्रिय करें
जरूरत पड़ने पर helpline और nodal officers नियुक्त करें
सीमा और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों पर नजर रखें
🌾 कृषि और उद्योग पर भी चर्चा
बैठक में कृषि और उद्योग को लेकर भी चिंता जताई गई।
उर्वरक (fertilizer) की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
उद्योग और व्यापार को प्रभावित होने से बचाने की रणनीति
लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत रखने की बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
🛢️ ऊर्जा सुरक्षा पर खास ध्यान
ऊर्जा (Energy Security) इस बैठक का सबसे बड़ा मुद्दा रहा।
सरकार का फोकस है कि:
देश में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो
गैस सप्लाई बनी रहे
अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम जनता पर कम से कम पड़े
मुख्यमंत्रियों का जवाब
बैठक में शामिल कई मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि
राज्यों में अभी स्थिति नियंत्रण में है
ईंधन और जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता है
वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे
🧾 निष्कर्ष
यह बैठक केवल समीक्षा नहीं, बल्कि संकट से निपटने की रणनीति तय करने का बड़ा कदम थी। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि आने वाले समय में केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे और देश को किसी भी स्थिति से सुरक्षित निकालेंगे।