रोहतास बिहार | 27 Mar 2026
सासाराम (रोहतास): बिहार के रोहतास जिले से अक्सर जमीन या पुरानी रंजिश को लेकर मारपीट की खबरें आती हैं, लेकिन सासाराम के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बभनी गाँव में एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हैरान कर दिया। महज 50 रुपये के एक नारियल में ‘पानी कम’ निकलने को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने देखते ही देखते एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें दो गुटों के बीच जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले।
विवाद की शुरुआत: एक छोटा सा सवाल और बढ़ता गुस्सा
घटना की शुरुआत तब हुई जब बभनी गाँव के एक युवक ने स्थानीय दुकानदार से 50 रुपये में एक कच्चा नारियल खरीदा। युवक ने जैसे ही नारियल कटवाया, उसने पाया कि उसमें पानी की मात्रा उम्मीद से बहुत कम थी। युवक ने दुकानदार से शिकायत की कि “नारियल खराब है या इसमें पानी नहीं है, इसलिए पैसे वापस करो या दूसरा नारियल दो।”
दुकानदार ने तर्क दिया कि नारियल प्राकृतिक चीज है और इसमें पानी कम या ज्यादा होना उसके हाथ में नहीं है। बस इसी बात पर दोनों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस गाली-गलौज में बदल गई और आसपास के लोग भी इसमें कूद पड़े।
रणक्षेत्र बना गाँव: 10 लोग हुए लहूलुहान
मामला तब बिगड़ गया जब दोनों पक्षों के समर्थक और परिवार के सदस्य लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी भयावह थी कि गाँव की गलियों में पत्थरबाजी होने लगी। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्हें बीच-बचाव के दौरान चोटें आईं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सासाराम के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ लोगों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं, जबकि कुछ के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियाँ
गाँव में तनाव बढ़ता देख मुफस्सिल थाने की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस के आने तक हमलावर पक्ष के कई लोग भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर त्वरित कार्रवाई की।
गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से और छापेमारी के दौरान कुल 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।
प्राथमिकी: दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने साफ किया कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शांति व्यवस्था: घटना के बाद गाँव में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
सामाजिक चिंता: छोटी बातों पर बढ़ती असहनशीलता
यह घटना केवल एक मारपीट की खबर नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती अधैर्य (Impatience) और असहजता का उदाहरण है।
महज 50 रुपये के लेनदेन और एक नारियल के पानी को लेकर 10 लोगों का अस्पताल पहुँचना और 6 लोगों का जेल जाना यह दर्शाता है कि छोटी-छोटी बातें अब बड़े अपराधों को जन्म दे रही हैं। स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि अगर पंचायत या बड़े-बुजुर्ग समय रहते दखल देते, तो शायद यह नौबत नहीं आती।
निष्कर्ष
सासाराम के बभनी की यह घटना आज भी रोहतास में चर्चा का विषय रहती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी छोटे विवाद को आपस में सुलझाने की कोशिश करें या कानून की मदद लें, न कि खुद हथियार उठाएं। फिलहाल मामला कोर्ट में है और गिरफ्तार आरोपी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।














