प्रयागराज !
तरुण कश्यप
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने रविवार देर रात PCS-2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रदेश की बेटियां किसी भी चुनौती को पार करने का दम रखती हैं। मेरिट लिस्ट के शीर्ष 7 स्थान में से 6 पर बेटियों ने कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया है।
नेहा पांचाल बनीं उत्तर प्रदेश की नई टॉपर
दिल्ली की रहने वाली नेहा पांचाल ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में पहली रैंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर प्रयागराज की अनन्या त्रिवेदी रहीं, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यह बड़ी सफलता हासिल की है। अनन्या एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं, उनके पिता किराने की दुकान चलाते हैं।
टॉप-10 की पूरी सूची
मेरिट लिस्ट के शुरुआती 10 स्थानों पर सफल होने वाले अभ्यर्थियों के नाम और रैंक इस प्रकार हैं:
- नेहा पांचाल (प्रथम स्थान)
- अनन्या त्रिवेदी (द्वितीय स्थान)
- अभय प्रताप सिंह (तृतीय स्थान – लड़कों में टॉपर)
- अनामिका मिश्रा (चतुर्थ स्थान)
- नेहा सिंह (पंचम स्थान)
- दीप्ति वर्मा (छठा स्थान)
- पूजा तिवारी (सातवां स्थान)
- अनुराग पाण्डेय
- शुभम सिंह
- आयुष पाण्डेय
बढ़ा महिलाओं की सफलता का ग्राफ
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 932 अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जिनमें से 319 महिलाएं हैं। इस बार महिलाओं का सफलता प्रतिशत बढ़कर 34.22% हो गया है, जो पिछली बार (33.46%) के मुकाबले अधिक है। विशेष रूप से डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयनित 37 अभ्यर्थियों में से 21 महिलाएं हैं।
नेहा पांचाल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की PCS-2024 परीक्षा में प्रथम स्थान (Rank 1) हासिल कर इतिहास रचा है। उनकी सफलता की कहानी कड़ी मेहनत, धैर्य और निरंतरता का एक बड़ा उदाहरण है।
उनकी सफलता के मुख्य बिंदु और रणनीति निम्नलिखित हैं:
1. दीर्घकालिक तैयारी और धैर्य
- 6 साल का संघर्ष: नेहा ने साल 2018 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। उनकी यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे 6 साल की निरंतर मेहनत छिपी है।
- चौथा प्रयास: यूपी पीसीएस (UPPCS) में यह उनका चौथा प्रयास था, जिसमें उन्होंने सीधे पहली रैंक हासिल की।
- असफलताओं से सीख: उन्होंने 2023 में UPSC का इंटरव्यू भी दिया था, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। उन्होंने इस असफलता को कमजोरी नहीं बल्कि अपनी रणनीति सुधारने का जरिया बनाया।
2. मुख्य तैयारी रणनीति
- विषयों पर पकड़: नेहा ने पॉलिटिकल साइंस (Political Science) और समसामयिक मुद्दों (Current Affairs) पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
- निरंतरता (Consistency): उनके अनुसार, सिविल सेवा परीक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि धैर्य और तैयारी में निरंतरता बनाए रखने की परीक्षा है।
- मॉक इंटरव्यू: उन्होंने इंटरव्यू की तैयारी के लिए मॉक इंटरव्यू का सहारा लिया, जिससे उनके आत्मविश्वास और उत्तर देने की शैली में सुधार हुआ।
3. व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और चुनौतियाँ
- शिक्षा: मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली नेहा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्यामलाल कॉलेज से B.Com किया और बाद में पॉलिटिकल साइंस में MA पूरा किया।
- पारिवारिक जिम्मेदारियाँ: उन्होंने अपनी घरेलू जिम्मेदारियों (शादी और मां बनने के बाद) को संभालते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी, जो कई अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
नेहा को अब उप जिलाधिकारी (SDM) का पद मिलने की संभावना है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और अटूट समर्पण से किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।