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असम चुनाव 2026: चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, 5 जिलों के SSP बदले गए; 

गुवाहाटी ! दिल्ली
तरुण कश्यप

असम विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के अगले ही दिन भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 5 जिलों के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) का तबादला कर दिया है। आयोग ने यह कदम चुनाव प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता और तटस्थता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।

किन जिलों के SSP बदले गए?

आयोग द्वारा सोमवार (16 मार्च 2026) को जारी अधिसूचना के अनुसार, माजुली, दक्षिण सलमारा, सादिया, चिरांग और धेमाजी के पुलिस प्रमुखों को बदला गया है।

नई नियुक्तियों की सूची:

 माजुली : सोमालिन शुभदर्शिनी (2019 बैच IPS) को नया SSP नियुक्त किया गया है।

दक्षिण सलमारा: आर. शीतल कुमार (2020 बैच IPS) अब जिले की कमान संभालेंगे।

सादिया: आंचल चौहान (2020 बैच IPS) को नई जिम्मेदारी दी गई है

चिरांग : सुधाकर सिंह (2013 बैच IPS) को नया SSP बनाया गया है।

धेमाजी:  मोहन लाल मीना (2016 बैच IPS) ने कार्यभार संभाला है।

आयोग के कड़े निर्देश

निर्वाचन आयोग ने असम सरकार को निर्देश दिया है कि जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें चुनाव खत्म होने तक किसी भी चुनावी ड्यूटी में तैनात न किया जाए। साथ ही, नए अधिकारियों को 17 मार्च सुबह 11 बजे तक अपना कार्यभार संभालने और इसकी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया था।

इसके अतिरिक्त, आयोग ने 2010 से 2021 बैच के आईएएस अधिकारियों के नाम भी मांगे हैं ताकि उन्हें जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के रूप में तैनात किया जा सके। गौरतलब है कि असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और नतीजे 4 मई को आएंगे।


तबादले के मुख्य कारण:

  1. निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना
    निर्वाचन आयोग का मानना है कि चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का निष्पक्ष होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रभाव या पक्षपात की संभावना को खत्म करने के लिए संवेदनशील जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
  2. आयोग के ‘ट्रांसफर-पोस्टिंग’ नियम :
    चुनाव आयोग की नीति के अनुसार, कोई भी अधिकारी जो अपने गृह जनपद में तैनात है या पिछले 4 वर्षों में से 3 वर्ष एक ही जिले में बिता चुका है, उसे चुनाव से पहले हटाना अनिवार्य होता है।
  3. तटस्थता बनाए रखना :
    माजुली, दक्षिण सलमारा, सादिया, चिरांग और धेमाजी जैसे जिलों में नए और युवा IPS अधिकारियों (जैसे 2019-2020 बैच) को कमान सौंपी गई है ताकि फील्ड स्तर पर किसी भी पुराने राजनीतिक जुड़ाव या स्थानीय प्रभाव से बचा जा सके।
  4. प्रशासनिक कसावट :
    चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। चुनाव आयोग ने इन 5 जिलों के पुराने SSP को तत्काल प्रभाव से हटाकर यह संदेश दिया है कि वे चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं करेंगे।

निष्कर्ष :

इन अधिकारियों को हटाए जाने के बाद आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि स्थानांतरित किए गए पुराने अधिकारियों को चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनावी ड्यूटी में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्हें राज्य मुख्यालय (Headquarters) से संबद्ध कर दिया गया है।

“असम चुनाव से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट और प्रशासनिक फेरबदल की सटीक जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ। देखते रहिए सावधान नेशन न्यूज

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