ईरान ! भारत
तरुण कश्यप
दुनियाभर में जारी तनाव और तेल संकट के बीच ईरान ने भारत के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) भारत जैसे मित्र देशों के जहाजों के लिए खुला रहेगा।
मुख्य बाते :
- 5 देशों को छूट: ईरान ने भारत के साथ-साथ चीन, रूस, पाकिस्तान और इराक को अपने ‘मित्र देशों’ की सूची में रखा है। इन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए सुरक्षा और सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
- दुश्मन देशों पर पाबंदी: ईरानी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका, इजरायल और युद्ध में शामिल उनके सहयोगी देशों के जहाजों को इस रास्ते का उपयोग नहीं करने देंगे।
- ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी खबर: भारत की तेल और गैस (LPG) जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। ईरान के इस फैसले से भारत में तेल की कीमतों और आपूर्ति पर मंडरा रहा खतरा कम होने की उम्मीद है।
- सुरक्षा की शर्तें: हालांकि मार्ग खुला है, लेकिन ईरान ने सुरक्षा कारणों से कुछ शर्तें भी रखी हैं। जहाजों को पहले से समन्वय (Coordination) करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ईरान के खिलाफ किसी सैन्य गतिविधि में शामिल नहीं हैं।
अधिकारी का बयान:
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, “क्षेत्र अब एक युद्ध क्षेत्र (War Zone) है, और हमारे दुश्मनों को यहाँ से गुजरने देने का कोई कारण नहीं है। लेकिन भारत जैसे हमारे मित्र देशों के लिए यह मार्ग खुला रहेगा।”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने हाल ही में (मार्च 2026) कई महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान दिए हैं, जो मुख्य रूप से क्षेत्रीय तनाव और भारत के साथ संबंधों पर केंद्रित हैं:
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और भारत: अराघची ने घोषणा की है कि ईरान ने भारत सहित 5 मित्र देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्ग केवल “दुश्मनों” के लिए बंद है और मित्र देशों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा रहा है।
- सीजफायर और अमेरिका: उन्होंने साफ कर दिया है कि सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। अराघची के अनुसार, बिना किसी विश्वसनीय और 100% अंतरराष्ट्रीय गारंटी के कोई समझौता या सीजफायर नहीं होगा।
- सैन्य चेतावनी: विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए सभी उपलब्ध सैन्य तरीकों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ भी अमेरिका के हित होंगे, ईरान वहां हमला करने की क्षमता रखता है।
- प्रतिरोध की नीति: उन्होंने दोहराया कि ईरान अपनी “प्रतिरोध की नीति” पर चलना जारी रखेगा और दुनिया की ताकतों के सामने डटकर खड़ा रहेगा।
याद रखिए, आपकी सतर्कता ही अफवाहों का सबसे बड़ा इलाज है। संयम बरतें, सुरक्षित रहें। फिलहाल ‘सावधान नेशन न्यूज’ में इतना ही,