ग्रेटर नोएडा ! जेवर
तरुण कश्यप
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (22 मार्च, 2026) को निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने आगामी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- ग्राउंड जीरो पर जायजा: मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट टर्मिनल, रनवे और यात्री सुविधाओं का ऑन-साइट निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्घाटन से पहले सभी कार्य विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप पूरे हों।
- अधिकारियों के साथ बैठक: निरीक्षण के बाद सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को लेकर सख्त निर्देश जारी किए।
- प्रमुख प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण: 28 मार्च को पीएम मोदी न केवल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे, बल्कि कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और MRO (Maintenance, Repair, and Overhaul) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे।
एयरपोर्ट की खास बातें :
- क्षमता: पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
- कनेक्टिविटी: यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा और पश्चिमी यूपी का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जो दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट के बोझ को कम करेगा।
- रोजगार: इस मेगा प्रोजेक्ट से क्षेत्र में निवेश और लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सीएम योगी ने जोर देते हुए कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास का नया प्रतीक बनेगा और राज्य को वैश्विक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
1. भारत का पहला ‘नेट जीरो’ कार्बन उत्सर्जन एयरपोर्ट
जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा बड़ा एयरपोर्ट है जिसे पूरी तरह ‘नेट जीरो’ (Net Zero Emissions) लक्ष्य के साथ डिजाइन किया गया है।
- यह अपनी बिजली की जरूरतों के लिए मुख्य रूप से सौर ऊर्जा (Solar Power) पर निर्भर रहेगा।
- कैंपस में ई-वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन और प्राकृतिक वेंटिलेशन वाली वास्तुकला इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाती है।
2. ‘डिजिटल-फर्स्ट’ अनुभव (पूरी तरह पेपरलेस)
यह देश का पहला पूरी तरह डिजिटल एयरपोर्ट होगा।
- डिजी यात्रा (DigiYatra): सभी एंट्री पॉइंट्स पर बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचान) सिस्टम होगा, जिससे यात्रियों को बार-बार आईडी दिखाने की जरूरत नहीं होगी।
- स्मार्ट चेक-इन: यहाँ सेल्फ-बैग-ड्रॉप और ऑटोमेटेड सुरक्षा स्कैनिंग की सुविधा होगी, जिससे लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा।
3. भविष्य का ‘सिक्स रनवे’ मेगा हब
जहाँ दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर फिलहाल 4 रनवे हैं, जेवर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में कुल 6 रनवे प्रस्तावित हैं।
- पूरा होने पर यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा।
- इसकी क्षमता सालाना 22.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी।
4. मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी (बिना रुकावट सफर)
इस एयरपोर्ट को परिवहन के विभिन्न साधनों से सीधे जोड़ा जा रहा है:
- मेट्रो और रैपिड रेल (RRTS): एयरपोर्ट स्टेशन सीधे टर्मिनल के अंदर होगा।
- एक्सप्रेसवे: यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली, नोएडा और आगरा से यहाँ पहुँचना बेहद आसान होगा।
5. एशिया का सबसे बड़ा कार्गो और MRO हब
जेवर केवल यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि व्यापार के लिए भी गेम-चेंजर है:
- यहाँ उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड कार्गो हब बन रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स को भारी बढ़ावा मिलेगा।
- विमानों की मरम्मत के लिए यहाँ अत्याधुनिक MRO (Maintenance, Repair, and Overhaul) सुविधा होगी, जिससे अब भारतीय एयरलाइंस को अपने जहाज मरम्मत के लिए विदेश नहीं भेजने पड़ेंगे।
“जेवर एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदलेगा, बल्कि यह भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नई पहचान बनेगा। इस महा-प्रोजेक्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें सावधान नेशन न्यूज