सावधान नेशन न्यूज़
नई दिल्ली, 26 जून 2026
नई दिल्ली: भारत के शिक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत National Council of Educational Research and Training (NCERT) की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की किताब में पहली बार 1975 की आपातकाल (Emergency) की घटना को शामिल किया गया है। यह कदम भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की एक बड़ी घटना को विद्यार्थियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या था 1975 का Emergency?
भारत में 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi की सरकार ने देश में आपातकाल लागू किया था। उस समय सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की थी।
सरकार की ओर से इसके पीछे देश की आंतरिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता को कारण बताया गया था, लेकिन विपक्षी दलों और कई आलोचकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताया।
Emergency के दौरान:
नागरिकों के कई मौलिक अधिकार सीमित कर दिए गए।
प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई।
कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
सरकार के फैसलों की आलोचना करने की स्वतंत्रता प्रभावित हुई।
यह दौर भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे अधिक बहस वाला समय माना जाता है।
NCERT ने इसे पाठ्यक्रम में क्यों जोड़ा?
NCERT का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ घटनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की कार्यप्रणाली और उसकी चुनौतियों को समझाना है।
इस अध्याय में छात्रों को बताया जाएगा कि:
लोकतंत्र में संस्थाओं की भूमिका क्यों जरूरी है।
नागरिक अधिकारों की रक्षा क्यों महत्वपूर्ण है।
सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण से क्या समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत क्या है।
यानी Emergency को केवल एक राजनीतिक घटना के रूप में नहीं बल्कि लोकतंत्र की परीक्षा के रूप में पढ़ाया जाएगा।
क्या यह पहली बार है कि Emergency पढ़ाई जा रही है?
Emergency का उल्लेख पहले भी कुछ कक्षाओं और किताबों में अलग-अलग रूप में मिलता रहा है, लेकिन कक्षा 9 की Social Science की नई किताब में इसे स्पष्ट रूप से शामिल करना एक नया बदलाव माना जा रहा है।
इससे छोटे स्तर के विद्यार्थी भी भारत के आधुनिक राजनीतिक इतिहास की इस घटना को समझ पाएंगे।
इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया है?
इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय सामने आई हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि Emergency को पढ़ाना जरूरी है क्योंकि यह लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।
वहीं कुछ लोग शिक्षा में राजनीतिक घटनाओं को शामिल करने के तरीके पर चर्चा कर रहे हैं और चाहते हैं कि इसे निष्पक्ष ऐतिहासिक दृष्टिकोण से पढ़ाया जाए।
लोकतंत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अध्याय?
Emergency का दौर भारत को यह दिखाता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल चुनावों से नहीं चलती, बल्कि स्वतंत्र संस्थाओं, मीडिया, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों से मजबूत होती है।
1977 में Emergency खत्म होने के बाद हुए चुनाव में जनता ने सरकार बदल दी थी। इसे भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का उदाहरण भी माना जाता है।
निष्कर्ष:
NCERT द्वारा कक्षा 9 Social Science में Emergency को शामिल करना छात्रों को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना से परिचित कराने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे आने वाली पीढ़ी समझ सकेगी कि लोकतंत्र की रक्षा में नागरिक अधिकार और संस्थाओं की स्वतंत्रता कितनी जरूरी होती है।
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