सावधान नेशन न्यूज़
मोहिनी कुमारी
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार को एक भीषण हादसा सामने आया, जहां एक समाजवादी पार्टी (सपा) नेता के कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का टैंक फटने से अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि पूरी इमारत हिल गई और देखते ही देखते कोल्ड स्टोरेज की छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस हादसे में करीब 15 मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब कोल्ड स्टोरेज में कामकाज चल रहा था। उसी दौरान अचानक अमोनिया टैंक में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के साथ ही जहरीली गैस तेजी से फैलने लगी, जिससे वहां मौजूद मजदूरों और कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कुछ मजदूर समय पर बाहर नहीं निकल पाए और छत गिरने से मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों ने धमाके की आवाज सुनते ही तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मशीनों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि कुछ अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम अलर्ट पर है और गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार देने की कोशिश की जा रही है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। अमोनिया गैस के रिसाव के कारण आसपास के लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके चलते एहतियातन आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस हादसे को लेकर जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ। अगर यह बात सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सपा नेता, जिनका यह कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है, घटना के बाद मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। साथ ही उन्होंने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को तुरंत राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमोनिया गैस बेहद खतरनाक होती है और इसका रिसाव या विस्फोट जानलेवा साबित हो सकता है। कोल्ड स्टोरेज में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है, लेकिन इसके रखरखाव और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना जरूरी होता है। थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे को जन्म दे सकती है, जैसा कि इस घटना में देखने को मिला।
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है और प्रशासन की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है। जरूरत है कि ऐसे स्थानों पर नियमित जांच हो और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
“देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहिये सावधान नेशन न्यूज़”














